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- सींट बंटवारे पर विवाद महायुति में दरार [शिंदे शिवसेना-भाजपा-अजित राकांपा]
Posted by : achhiduniya
28 May 2024
महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल अजित गट राकांपा नेता छगन भुजबल के ताजा बयान के चलते हो रही है।
भुजबल ने 288 में से राकांपा के लिए 90 सीटों की मांग की है। भुजबल के बयान पर
प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना प्रवक्ता संजय सिरसाट ने कहा कि भुजबल इस तरह के
बयान देकर महायुति में दरार लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सींट बंटवारे में कोई
एक पार्टी नहीं मानी तो क्या पता गठबंधन रहे या न रहे, अगर ज्यादा खींचतान हुई तो उसके नतीजे अच्छे नहीं
होंगे। संजय सिरसाट ने कहा, गठबंधन की शर्तें क्या हैं,
इसका ध्यान रखो। क्या युति नहीं करनी है, हो सकता है। गठबंधन के सभी बड़े नेता बैठेंगे और
फैसला करेंगे। बाहर इस तरह का बयान देकर आप क्या कहना चाहते हैं? इसका अर्थ यह है कि आप पहले से ही गठबंधन में
दरार लाना चाहते हैं। राकांपा को इतनी
जल्दबाजी क्यों है? 4 महीने बाकी हैं। जब
चुनाव आएगा तब देखेंगे। आज इस बात पर लड़ना उचित नहीं है, लोकसभा का रिजल्ट तो आने दीजिए। अगर साथ रहना है
तो एक दूसरे को समझ कर आगे बढ़ना चाहिए। कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा इसका फैसला
एकनाथ शिंदे करेंगे। सिरसाट ने कहा, भुजबल को मीडिया के सामने बयान नहीं देना चाहिए।
अगर हम पर दबाव बनाने की कोशिश हुई तो ऐसा नहीं होने देंगे।
अगर मिलकर चुनाव लड़ना
है तो एक दूसरे को समझ कर चलना होगा। बता दें कि राकांपा की बैठक में छगन भुजबल ने कहा था कि विधानसभा
चुनाव में कम से कम 80-90 सीटें चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतनी सीटें होंगी तभी तो 50-60 सीटें जीतकर आएंगे। वहीं प्रफुल पटेल ने भी कहा
की नासिक की लोकसभा की सीट हमारी थी,लेकिन
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आग्रह की वजह से हमने वह सीट छोड़ दी, लेकिन अब विधानसभा चुनाव में हमें ज्यादा सीटें
मिले इसके लिए प्रयास करना होगा। राकांपा की तरफ
से हो रही बयानबाजी को लेकर शिवसेना के बाद अब बीजेपी भी खफा हो गई है। सूत्रों के
मुताबिक, लोकसभा चुनावों के बाद स्ट्राइक रेट के आधार पर
ही सीटों का बंटवारा होगा।
जिस पार्टी का स्ट्राइक रेट जितना होगा, उसके हिस्से उतनी सीटें आएंगी। 4 जून को नतीजे आने के बाद महायुति के तीनों दलों
के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। शिवसेना ने भी राकांपा को दो टूक कह दिया है कि सीट बंटवारे पर ज्यादा
खींचतान के नतीजे अच्छे नहीं होंगे। पार्टी ने कहा है कि राकांपा लोकसभा चुनाव नतीजों का इंतजार करे।



