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- DNA क्या होता है,किसने की खोज,कैसे देता है आनुवांशिकता की सटीक जानकारी....?
Posted by : achhiduniya
22 May 2024
DNA यानी डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक
एसिड इससे यह पता चल जाता है कि किसी
व्यक्ति की शारीरिक संरचना कैसी है और वह संरचना जिससे मैच करेगी, वे
आपस में रक्त संबंधी होंगे। DNA जीव विज्ञान की दुनिया की एक
ऐसी खोज है, जिससे पता चल जाता है
कि जीव
अपना वंश कैसे बढ़ाते हैं। पूर्वज और वंशज के DNA एक जैसे होते हैं। इसीलिए किसी की पहचान के लिए DNA टेस्ट कराया जाता है। साल 1869 की
बात है। स्विस बायोलॉजिस्ट जोहांस फ्रेडरिक मिशर व्हाइट ब्लड सेल्स (सफेद रक्त
कोशिका) पर शोध कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने पहली बार DNA की पहचान की थी। इसके बाद 25 अप्रैल
साल 1953 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
के दो वैज्ञानिकों जेम्स डी वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने डीएनए की संरचना की व्याख्या की। इन्होंने DNA मॉल्यूक्यूल के डबल हेलिक्स स्ट्रक्चर की खोज की। इसके बाद यह पता चला कि सभी जीवों में अनुवांशिक सूचनाओं के लिए DNA जिम्मेदार होता है।
दोनों वैज्ञानिकों को इस खोज के लिए
साल 1962 में नोबेल पुरस्कार से
सम्मानित किया गया था। जीवों में अनुवांशिक सूचनाओं के लिए जवाबदेह होने के साथ ही
DNA
की अहम भूमिका शरीर में प्रोटीन के उत्पादन में भी होती है। DNA और राइबोन्यूक्लिक एसिड यानी
RNA
न्यूक्लिक एसिड ही होते हैं। लिपिड, प्रोटीन और जटिल
कार्बोहाइड्रेट के साथ न्यूक्लिक एसिड सभी जीवों के लिए जरूरी चार प्रमुख मैक्रोमोलेक्यूल्स
में से एक हैं। DNA को पांच भागों में बांटा जाता है। इन्हें एडेनिन (ए), साइटोसिन
(ए) (सी), गुआनिन (जी), थाइमिन
(टी) और यूरासिल (यू) कहा जाता है।
DNA आमतौर पर यूकेरियोटिक
ऑर्गेनिज्म में लीनियर क्रोमोसोम और प्रोकैरियोट्स में सर्कुलर क्रोमोसोम के रूप
में मिलता है। किसी भी सेल यानी कोशिश का जीनोम उसके क्रोमोसोम से ही बना होता है।
मनुष्य के DNA के लगभग 3 बिलियन बेस पेयर वास्तव में 46 क्रोमोसोम
में व्यवस्थित होते हैं। DNA द्वारा उपलब्ध कराई जाने
वाली सूचनाएं टुकड़ों में होती है, जिसे हम जीन के रूप में जानते
हैं। DNA का स्ट्रक्चर किसी टि्वस्टेड लैडर यानी घुमावदार सीढ़ी
के रूप में होता है। इसी स्ट्रक्चर को डबल हेलिक्स कहा जाता है। यह तो हम जान ही
चुके हैं कि DNA एक न्यूक्लिक एसिड होता है और सभी न्यूक्लिक एसिड का निर्माण
न्यूक्लियॉड्स से होता है। DNA मॉल्यूक्यूल जिन यूनिट्स से
बने होते हैं, उन्हें ही न्यूलियॉड्स कहा
जाता है। ये सभी न्यूलियॉड्स तीन अलग कंपोनेंट शुगर, फॉस्फेस
ग्रुप और नाइट्रोजन बेस से बने होते हैं।
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