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- संसद में किन शब्दों का उपयोग करने पर निरस्त हो सकती है सांसदी...?
Posted by : achhiduniya
26 June 2024
संसद में बोले जाने वाले शब्दों को लेकर नियम हैं। ऐसे में हर सांसद को इन
नियमों का पालन करना पड़ता है। इसी तरह संसद में कुछ शब्दों पर जैसे बहरी सरकार,जुमला जीवी,उचक्के,खून से खेती, अहंकार,बाल बुद्धि,कांव-कांव करना,उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, काला दिन,गद्दार, गुल खिलाना, गुंडागर्दी, गुंडों की सरकार, गुलछर्रा, तड़ीपार,तलवे चाटना,दोहरा चरित्र,दादागिरी, अंट-शंट,चोर-चोर मौसेरे भाई, चौकड़ी, उचक्के, तानाशाह, अनपढ़, अनर्गल, अनार्किस्ट, निकम्मा, नौटंकी, ढिंढोरा, पीटना, चमचागिरी, चमचा, करप्ट, ब्लडी, ड्रामा, हिपोक्रेसी, गिरगिट, घड़ियाली आंसू, खरीद फरोख्त शब्द बोलने पर बैन लगा हुआ है। ऐसे में कोई सांसद इस
तरह के
शब्दों का इस्तेमाल करता है तो उसपर उचित कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि
असदुद्दीन ओवैसी का मामला थोड़ा अलग है, ये पहली बार है जब किसी
सांसद ने लोकसभा में किसी दूसरे देश का नारा लगाया हो,ऐसे में संसदीय मामलों के
मंत्री किरन रिजिजू का भी बयान आया है। मिंट में छपी रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा है कि हमारी फिलिस्तीन या फिर किसी दूसरे देश से कोई
दुश्मनी नहीं है। परेशानी बस इस बात की है कि शपथ के दौरान क्या किसी दूसरे सदस्य को
दूसरे देश की बात करनी चाहिए।
इसे लेकर क्या नियम हैं ये हम चेक करेंगे। हालांकि
सभापति इसे रिकॉर्ड से हटा चुके हैं, लेकिन विपक्षी दल खासकर
बीजेपी नेता ओवैसी से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं। वहीं अनुच्छेद 102 (4) का हवाला देते हुए ओवैसी को अयोग्य ठहराने की मांग की
जा रही है।


