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- बुर्का-नकाब-हिजाब बैज, टोपी, या स्टोल स्कूल और कॉलेज में बैन बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम फैसला....
Posted by : achhiduniya
26 June 2024
याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता अल्ताफ खान ने
तर्क दिया कि कॉलेज, मुंबई विश्वविद्यालय से
संबद्ध होने और महाराष्ट्र सरकार द्वारा सहायता प्राप्त होने के कारण, इस तरह के अवैध प्रतिबंध जारी करने का कोई अधिकार और अधिकार नहीं
रखता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ, लड़कियों को भारतीय या
पश्चिमी नॉन रिविलिंग कपड़े पहनने के लिए कहा जाता है, लेकिन दूसरी तरफ हिजाब और नकाब, बिल्कुल गैर-प्रकटीकरण भारतीय पोशाक की अनुमति नहीं है। बॉम्बे हाई
कोर्ट में स्कूल और कॉलेज में बुर्का-
हिजाब पहनने की इजाजत की मांग करने वाली
याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला देते हुए हाई कोर्ट ने याचिका रद्द कर दी। स्कूल-कॉलेज में
नियमानुसार ड्रेस कोड लागू रहेगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका रद्द करते हुए कहा, कॉलेज में हिजाब बैन' सही। चेंबूर के
आचार्य-मराठा कॉलेज ने ड्रेस कोड के जरिए हिजाब पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया था।
हिजाब बैन को 9 छात्राओं की तरफ से दी गई
चुनौती को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। याचिका में दावा किया गया है कि
हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
हालांकि, कॉलेज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका में लगाए गए आरोपों का जोरदार खंडन
किया गया। किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं, सभी छात्रों-कॉलेज पर एक समान नियम लागू होगा।
पीठ ने कहा,हम उक्त निर्णय में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। रिट याचिका
खारिज की जाती है। ड्रेस कोड, जो जून में शुरू होने वाले
शैक्षणिक वर्ष में लागू होना था, यह निर्धारित करता है कि
बुर्का, नकाब, हिजाब, या कोई भी धार्मिक पहचान
जैसे बैज, टोपी, या स्टोल कॉलेज के अंदर अनुमति नहीं दी जाएगी। लड़कों के लिए केवल
फुल या हाफ शर्ट और ट्राउजर निर्धारित किए गए हैं,जबकि लड़कियां कॉलेज परिसर में कोई भी इंडियन/वेस्टर्न नॉन
रिविलिंग ड्रेस” पहन सकती हैं।


