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- ओवैसी ने संविधान के आर्टिकल 17 की दी दुहाई कांवड़ यात्रा के रास्ते नेमप्लेट सख्ती पर....
Posted by : achhiduniya
21 July 2024
उत्तर प्रदेश में
प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किया गया है कि कांवड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने
वाली सभी दुकानों के मालिकों को अपना असली नाम दुकान के सामने लिखना होगा। प्रशासन
के इस फैसले पर जमकर बवाल हो रहा है। शुरुआत में यह आदेश
सिर्फ मुजफ्फरनगर के लिए था। हालांकि, उत्तर
प्रदेश सरकार के अधिकारियों का कहना है कि पूरे राज्य में यह आदेश जारी किया जाएगा
और हर शहर में खाने की दुकान के मालिकों को अपना असली नाम दुकान के सामने लिखना
होगा। उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही आदेश जारी किया गया था।
हालांकि, बाद में प्रशासन ने यू टर्न लेते हुए कहा कि उन
पर ऐसा करने का कोई दबाव नहीं है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों का कहना है कि
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को यह पता होना चाहिए कि वह किस दुकान से
खाने-
पीने का सामान खरीद रहे हैं। अगर दुकान के मालिक सामने अपना नाम लिखकर रखेंगे
तो किसी भी तरह के विवाद कि आशंका कम होगी। सभी की सुविधा के लिए यह फैसला लिया
गया है। कई मुस्लिम दुकानदारों ने भी इससे सहमति जताई है और दुकान के सामने अपना
नाम लिखा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विवाद से बचने के लिए प्रशासन का
फैसला सही है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि यूपी सरकार
छुआछूत को बढ़ावा दे रही है और यह संविधान के आर्टिकल 17 का उल्लंघन है। ओवैसी ने कहा खाने की दुकान के सामने नाम लिखने के आदेश को
लेकर सभी पार्टियों की मीटिंग हुई। इस बैठक के बाद असदुद्दीन औवसी ने कहा हमने कहा
कि अगर कोई सरकार संविधान के खिलाफ कोई आदेश पारित करती है, तो भारत सरकार को इसे संज्ञान में लेना चाहिए।
ऐसा आदेश जारी करना अनुच्छेद 17 का
उल्लंघन है। वे छुआछूत को बढ़ावा दे रहे हैं। यह जीवन के अधिकार के खिलाफ है, आप आजीविका के खिलाफ हैं। कल कोई मुसलमान कहेगा
कि वह रमजान में 30 दिन तक उपवास रखता
है और 15 घंटे पानी नहीं पीता। क्या आप किसी को पानी नहीं
देंगे? यह सिर्फ़ नफरत की निशानी है। मुसलमानों के साथ खुला
भेदभाव है।


