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- पानी, जल भराव, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, बेरोजगारी पर केजरीवाल सरकार को घेरा कांग्रेस ने…
Posted by : achhiduniya
13 July 2024
बिजली के बढ़े हुए बिलों पर केजरीवाल सरकार
को घेरते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि
बिजली दरों में बढ़ोत्तरी से कोई अछूता नहीं है। पीपीएस के नाम पर लूट का असर
दिल्ली की डेढ़ करोड़ जनता पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर
गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,बिजली बिलों पर पीपीएसी की आड़ में बिजली
कम्पनियों को पहुंचने वाले फायदे का ऑडिट हो, जिससे जनता से लूट कर किसे फायदा पहुंचाया जा रहा
है, इस भ्रष्टाचार का
जनता के सामने खुलासा हो सके। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल खड़ा करते हुए कहा,क्यों बिजली कंपनियों के ऑडिट की कैग रिपोर्ट में
आए भ्रष्टाचार और बिजली
कंपनियों की अनियमितताओं को सामने नहीं आने दिया जा रहा।
जबकि कैग बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के आधीन विभाग है। देवेंद्र यादव ने
बीजेपी को भी आड़े-हाथों लेते हुए कहा,आम आदमी पार्टी और बीजेपी एक ही सिक्के के दो
पहलू हैं, जो दिल्ली की जनता से जुड़ी समस्याओं का हल निकालने की जगह एक दूसरे के
खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नूरा कुश्ती कर रहे हैं। जबकि दिल्ली की जनता की बर्बाद हो
रही है। उन्होंने जनता के हित में सरकार से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से
पीपीएसी की दरों की 8.75 फीसदी की बढ़ोत्तरी को वापस लें। देवेंद्र यादव ने
कहा,जहां 2015
में बिजली बिल पर पीपीएसी 1.7
फीसदी था, अब वह 37 फीसदी वसूला जा रहा है और बढ़ाए गए
8.7 फीसदी के बाद उपभोक्ताओं से बिजली बिलों पर 46 फीसदी पीपीएसी वसूला जाऐगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार बिजली की दरों में वृद्धि न करके हर वर्ष पीपीएसी में बढ़ोत्तरी कर रही है, जिससे लोगों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा,कांग्रेस सरकार के समय 2 महीने का बिजली बिल लोगों की जेब के अनुसार आता था, लेकिन आज बिल 28-30 दिनों का होता है। उस पर भी लोगों को जेब काटने वाले हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा,जब कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने बिजली का निजीकरण किया था, तब अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि बिजली का निजीकरण करके बिजली कंपनियों के साथ भ्रष्टाचार किया है। इसके उलट पिछले 10 साल से केजरीवाल सरकार ने बिजली निजीकरण के सभी नियमों में फेरबदल करके हर चीज का भुगतान जनता से पीपीएसी के अंतर्गत वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार डीईआरसी और बिजली कंपनियों के बीच हुए समझौते में सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन का पैसा डीईआरसी बिजली कम्पनियों से लेकर देगी, जिसमें कुछ प्रतिशत सरकार को देना था। दूसरी तरफ पेंशनधारियों को दी जाने वाली राशि 100 फीसदी बिजली उपभोक्ताओं से वसूली जा रही है। कांग्रेस ने बिजली समेत पानी, जल भराव, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मोर्चों पर आप सरकार को विफल करार दिया है।
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