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- वक्फ बोर्ड को संपत्तियो का कराना होगा सत्यापन,वक्फ कानून में संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी
Posted by : achhiduniya
04 August 2024
एक बड़े कदम के तहत सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्ति कोवक्फ
परिसंपत्ति घोषित
करने और उस पर नियंत्रण करने की अनियंत्रित शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम को कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम (जिसे 2013 से पहले वक्फ अधिनियम के नाम से जाना जाता था) में 40 से अधिक संशोधनों पर चर्चा की है। इनमें वक्फ बोर्ड के
अधिकार क्षेत्र की जांच करने के लिए संशोधन शामिल है,जिन्हें कई तरह से मनमाना माना जाता है, जो अब देश भर में लाखों करोड़ रुपये की संपत्तियों को
नियंत्रित करता है। वक्फ कानून में संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की खबर
आ रही है। सूत्रों के मुताबिक अगले हफ्ते इससे जुड़ा बिल संसद में लाया जा सकता है।
संशोधनों के अनुसार अब वक्फ बोर्ड जिस भी संपत्ति पर दावा करेगा। उसका सत्यापन
करना जरूरी
होगा। इसी तरह वक्फ की विवादित संपत्ति का भी सत्यापन जरूरी होगा। पूरे
देश में वक्फ बोर्ड के पास काफी संपत्तियां है। ऐसा माना जाता है कि सेना और रेलवे
के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे अधिक संपत्ति है। जानकारी के मुताबिक देश में
वक़्फ़ बोर्डों के पास 9.4 लाख
एकड़ की करीब 8.7 लाख
संपत्तियां हैं। सूत्रों ने बताया कि इस तरह के कानून की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि
मुस्लिम बुद्धिजीवियों, महिलाओं
और शिया तथा बोहरा जैसे विभिन्न संप्रदायों के कई लोग मौजूदा कानून में काफी वक्त
से बदलाव की मांग कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर खासा जोर दिया कि संशोधन लाने की
तैयारी 2024 के
लोकसभा चुनावों से काफी पहले ही शुरू हो गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि ओमान, सऊदी अरब और अन्य इस्लामी देशों के कानूनों के प्रारंभिक
अवलोकन से पता चलता है कि इनमें से किसी भी देश ने किसी एक इकाई को इतने व्यापक
अधिकार नहीं दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि इस तरह के कानून की जरूरत इसलिए पड़ी
क्योंकि मुस्लिम बुद्धिजीवियों, महिलाओं
और शिया तथा बोहरा जैसे विभिन्न संप्रदायों के कई लोग मौजूदा कानून में काफी वक्त
से बदलाव की मांग कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर खासा जोर दिया कि संशोधन लाने की
तैयारी 2024 के
लोकसभा चुनावों से काफी पहले ही शुरू हो गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ओमान, सऊदी अरब और अन्य इस्लामी देशों के कानूनों के प्रारंभिक
अवलोकन से पता चलता है कि इनमें से किसी भी देश ने किसी एक इकाई को इतने व्यापक
अधिकार नहीं दिए हैं। 2013 में यूपीए सरकार के
दौरान मूल अधिनियम में संशोधन करके वक्फ बोर्डों को अधिक व्यापक अधिकार प्रदान किए
गए थे, जो वक्फ अधिकारियों, व्यक्तिगत संपत्ति मालिकों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सहित कई राज्य
संस्थाओं के बीच विवाद का एक प्रमुख कारण रहा है।


