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हिंदुओं और मुसलमानों के बीच भूमि लेनदेन के लिए मुख्यमंत्री की सहमति आवश्यक, लव जिहाद- लैंड जिहाद पर कानून जल्द....
Posted by : achhiduniya
05 August 2024
गुजरात, हिमाचल
प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड
और उत्तर प्रेदेश जैसे राज्यों में लव जिहाद कानून बनाए गए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा
ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही लव जिहाद के खिलाफ कानून लेकर आएगी और इसमें दोषी
को सजा के तौर पर आजीवन कारावास का प्रावधान होगा। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी
सरकार द्वारा लिए गए कुछ अन्य फैसलों की भी घोषणा की। सरमा ने यह घोषणा गुवाहाटी
में आयोजित बीजेपी स्टेट एक्जीक्यूटिव मीटिंग में संबोधन के दौरान की,उन्होंने कहा
कि देश के लोगों के हक को बचाने के लिए ये फैसले लिए गए हैं। साथ ही उन्होंने यह
भी कहा कि 2021 के
चुनावों से पहले किए गए वादों को भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा,इससे पहले इंटर-रिलिजियन लैंड ट्रांसफर सिस्टम था। हिंदू की
जमीन मुस्लिम खरीदते थे और मुस्लिम की
जमीन हिंदू खरीदते थे। सरकार इसे रोक नहीं
सकती है,लेकिन उन्होंने तय किया है कि अगर कोई हिंदू मुसलमान की जमीन खरीदता है या
फिर कोई मुसलमान हिंदू की जमीन खरीदता है तो उसके लिए पहले मुख्यमंत्री की सहमति
लेनी होगी। सरमा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार असम के गोवालपारा क्षेत्र में जमीन
की ब्रिकी को लेकर कुछ 'विशेष
समुदाय' पर रोक
भी लगाएगी। अविभाजित गोवालपारा असम का अभिन्न अंग था और इस क्षेत्र में कोच राजभोंगशी
समुदाय का बहुत महत्व था,लेकिन एक विशेष समुदाय के लोग हमारे समाज के लोगों से
जमीन छीनता रहा है और इस वजह से आज हम अपने ही क्षेत्र में अल्पसंख्यक हो गए हैं।
उन्होंने
कहा,सरकार ने तय किया है कि अगले
कुछ दिनों में वो गोवालपारा क्षेत्र में ऐसा कानून लाएगी जिसके तहत एक विशेष
समुदाय जमीन नहीं खरीद पाएगा। जमीन यहां के आदिवासियों, एससी और ओबीसी लोगों के पास ही रहेगी और ये किसी के पास भी
ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि
असम की नव-वैष्णव संस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्रों बारपेटा, माजुली और बाताद्रवा
में भूमि की बिक्री भी मूल लोगों तक ही सीमित रहेगी. सरमा ने यह भी कहा कि सरकार
ने एक लाख सरकारी नौकरियों की जो घोषणा की है,उसमें स्वदेशी
युवाओं की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा है। इसके अलावा उन्होंने
कहा कि राज्य सरकार एक डोमिसाइल नीति लागू करेगी,जिसके तहत असम में
जन्मे लोग ही सरकारी नौकरियों के लिए पात्र होंगे।
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