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- वक़्फ़ बोर्ड क्या होता है? क्यू है संशोधन जरूरी...?
Posted by : achhiduniya
05 August 2024
वक़्फ़
का मतलब होता है अल्लाह के नाम यानी ऐसी ज़मीनें जो किसी
व्यक्ति या संस्था के नाम नहीं है लेकिन मुस्लिम समाज से उनका ताल्लुक हैं,वो
वक़्फ की ज़मीनें होती हैं। जिसमें मस्ज़िद, मदरसे, क़ब्रिस्तान, ईदगाह, मज़ार
और नुमाइश की जगहें प्रमुख तौर पर शामिल हैं,लेकिन एक वक्त के बाद ऐसा देखा गया कि
ऐसी ज़मीनों को ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल किया जा रहा है और यहां तक की इन्हें बेचा
जा रहा है। ऐसे में वक्फ बोर्ड मुस्लिम समाज की ज़मीनों पर नियंत्रण रखने के लिए
बनाया गया था। वक्फ की ज़मीनों के बेजा इस्तेमाल को रोकने और ज़मीनों को ग़ैर
क़ानूनी तरीक़ों से बेचने से बचाने के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया था। वक्फ अधिनियम, 1995
की धारा 3 में कहा गया है कि अगर वक्फ
को लगता है कि जमीन वक्फ की संपत्ति है,तो उसके लिए सिर्फ इतना सोचना ही काफी है,इसके
लिए वक्फ बोर्ड को किसी सबूत की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर वक्फ ये मान ले कि आपकी संपत्ति वक्फ बोर्ड
की है, तो आप कोर्ट भी नहीं जा
सकते। हालांकि आप वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। वक्फ अधिनियम
की धारा 85 में कहा गया है कि अगर आप
वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल को यह साबित नहीं कर पाते कि यह आपकी अपनी जमीन है,तो
आपको जमीन खाली करने का आदेश दिया जाएगा। ट्रिब्यूनल का फैसला अंतिम और सर्वमान्य
होगा।
कोई भी अदालत, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट भी, वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को नहीं बदल सकता। साल 1991 में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट बनाया गया जिसमें कहा गया है कि देश की आजादी के समय जो धार्मिक स्थल मौजूद थे,उन्हें वैसे ही बरकरार रखा जाएगा। वहीं, 1995 में वक्फ एक्ट लागू होता है, जो देशभर के वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति पर अपना हक जताने का अधिकार देता है और इसके खिलाफ पीड़ित पक्ष देश की किसी भी अदालत में अपील भी नहीं कर सकता। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक़ सरकार ने वक्फ क़ानून में संशोधन के बिल को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में वक्फ क़ानून में क़रीब चालीस संशोधनों को मंजूरी मिली है।
ऐसा माना जा
रहा है कि अगले सप्ताह ये बिल संसद में लाया जा सकता है। संशोधनों के अनुसार अब
वक्फ बोर्ड जिस भी संपत्ति पर दावा करेगा उसका सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इसी तरह वक्फ की विवादित संपत्तियों का भी
सत्यापन ज़रूरी हो जाएगा। बता दें कि साल 1995 में
पीवी नरसिम्हा राव की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वक्फ बोर्डों को जमीन
अधिग्रहण के असीमित अधिकार प्रदान करते हुए उसकी ताकत बढ़ा दी थी। पीवी नरसिम्हा
राव सरकार ने वक्फ बोर्ड अधिनियम में कई बदलाव किए थे।

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