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- क्या होती है जीरो FIR ? कब दर्ज कराई जाती है....?
Posted by : achhiduniya
03 August 2024
प्रथम द्रष्टांत सूचना यानि FIR [फस्ट
इनफॉर्मेशन रिपोर्ट] इसे जीरो एफआईआर इसलिए कहा
जाता है, क्योंकि इसमें कोई क्राइम
नहीं लिखा होता है.। कई बार जीरो एफआईआर लिखवाने में काफी दिक्कत होती है, क्योंकि
पुलिस बहुत ही आनाकानी करती है। दरअसल मारपीट जैसे केसों में एक दूसरे को फंसाने
के मकसद से भी FIR में कई आरोप लगा दिए जाते
हैं। इसीलिए अगर केस उस अधिकार क्षेत्र का नहीं है,तो
पुलिस इसे दर्ज करने से बचना चाहती है। अपराधों तो संज्ञेय और गैर संज्ञेय की
श्रेणियों में बांटा गया है। हत्या, रेप,
जानलेवा
हमले जैसे संगीन अपराध संज्ञेय की कैटेगरी में आते हैं। ऐसे अपराधों की रिपोर्ट
तत्काल करना जरूरी होता है,जिससे जल्द एक्शन लिया जा
सके। ऐसे मामलों में जीरो FIR दर्ज करवाने की जरूरत होती
है। ज्यादातर रेप के मामलों में भी जीरो एफआईआर दर्ज करवाई जाती है,ताकि
जल्द कार्रवाई शुरू हो सके। वहीं ठगी, धोखाधड़ी, जालसाजी, मारपीट, लड़ाई-झगड़े जैसे अपराध, जो कि बेहत संगीन अपराध की कैटेगरी में नहीं आते. इस तरह के केस में तुरंत FIR दर्ज नहीं होती
है. सबसे पहले मजिस्ट्रेट के पास रेफर किया जाता है और समन जारी
होने के बाद भी आगे की कार्रवाई शुरू होती है.।
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