- Back to Home »
- Crime / Sex »
- जीविका दीदीयों ने कर दी चप्पल से नोडल अधिकारी की पिटाई प्रदर्शन का वीडियो बनाने पर भड़की....
Posted by : achhiduniya
14 September 2024
सोशल मीडिया
पर एक
वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जीविका दीदीयों ने
नोडल अधिकारी अमरेश मोनू को चप्पलों से पीट डाला। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो
जीविका दीदीयों ने ही बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित
नोडल अधिकारी ने अपने उपर आपबीती भी मीडिया के सामने बताइ जिले के डुमरांव अनुमंडल
क्षेत्र के नया भोजपुर में जीविका दीदियों ने नोडल अधिकारी की उस समय चप्पलों से
जमकर पिटाई कर दी, जब नोडल अधिकारी ने
प्रदर्शन कर रही जीविका दीदियों का वीडियो बनाना शुरू किया। जीविका दीदियों ने
मानदेय में बढ़ोतरी सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना
प्रदर्शन कर रही थीं, इसी दौरान जब
नोडल अधिकारी
अमरेश मोनू वहां पहुंचे, तो उन्होंने प्रदर्शन कर
रही जीविका दीदियों का वीडियो बनाना शुरू किया,जिससे जीविका दीदियां आक्रोशित हो गईं। पहले तो उन्होंने नोडल
पदाधिकारी का मोबाइल छीनने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब वे लोग मोबाइल छीनने में असफल हुई तो उन्होंने नोडल
पदाधिकारी को चप्पल से पीटना शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो भी जीविका दीदियों ने बना
लिया जो, अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से
वायरल हो रहा है। नोडल अधिकारी अमरेश मोनु ने बताया कि वह जिला के नोडल के रूप में
पदस्थापित है, जहां भोजपुर में एक दीदी की
सब्जी की दुकान देखने के लिए गए थे, जहां पास में ही जीविका
दीदियों की काफी भीड़ लगी हुई थी।
इसी को देखने के लिए हम वहां चले गए कि वह
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही हैं या नहीं? इसी दौरान एक जीविका दीदी
उठ कर आई और कहने लगी कि आप मोबाइल से वीडियो क्यों बना रहे हैं? इतना कहते ही मेरा मोबाइल छीनने का प्रयास करने लगी। मैं अपना
मोबाइल नहीं दे रहा था। इसी क्रम में उन्हीं में से एक सुमित्रा दीदी ने मुझे
चप्पल से पीटा। मोबाइल छीनने के क्रम में मेरे शर्ट को भी फाड़ दिया। मैं
जैसे-तैसे वहां से भागा क्योंकि उनकी काफी संख्या थी। हालांकि इस घटना के बारे में
जीविका दीदियों ने यह जानकारी दी है कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही
थीं और नोडल अधिकारी ने उनका वीडियो बनाना शुरु किया। इसी वजह से नोडल पदाधिकारी
को पीटा गया। घटना की सूचना मिलने पर
डायल-112 की पुलिस ने जीविका दीदियों
को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने जीविका दीदियों को समझाया कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन
कर सकती हैं, लेकिन उन्हें हिंसा करने का
कोई अधिकार नहीं है।


