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- कानून अब सभी को देख सकेगा खुल गई न्याय की देवी की पट्टी....
Posted by : achhiduniya
16 October 2024
CJI चंद्रचूड़
के निर्देशों पर न्याय की देवी की मूर्ति को नए सिरे से बनवाया गया। सबसे पहले एक
बड़ी मूर्ति जजों की लाइब्रेरी में स्थापित की गई है। जो पहले न्याय की देवी की
मूर्ति होती थी,उसमें उनकी दोनों आंखों पर पट्टी बंधी होती थी। नई मूर्ति में न्याय की देवी की आंखें खुली हैं
और कोई पट्टी नहीं है। साथ ही एक हाथ में तराजू जबकि दूसरे में सजा देने की प्रतीक
तलवार होती थी। हालांकि, अब न्याय की देवी की मूर्ति के हाथों में तलवार की जगह
संविधान ने ले ली है। मूर्ति के दूसरे हाथ में तराजू पहले की ही तरह है। सुप्रीम
कोर्ट का ना केवल प्रतीक बदला रहा है,बल्कि सालों से न्याय की देवी की आंखों पर
बंधी पट्टी भी हट गई है। जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश
को संदेश दिया है कि अब
'
कानून अंधा' नहीं है। आपको बता दे ये सब कवायद सुप्रीम कोर्ट के CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने की है। ऐसी ही
स्टेच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है। CJI चंद्रचूड़ का मानना था कि अंग्रेजी
विरासत से अब आगे निकलना होगा। कानून कभी अंधा नहीं होता, वो सबको समान रूप से देखता है।
इसलिए न्याय की देवी का स्वरूप बदला जाना चाहिए। साथ ही देवी के एक हाथ में तलवार
नहीं बल्कि संविधान होना चाहिए जिससे समाज में ये संदेश जाए कि वो संविधान के
अनुसार न्याय करती हैं। दूसरे हाथ में तराजू सही है कि उनकी नजर में सब समान है।
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