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- MNS चीफ राज ठाकरे भीड़ जुटाने में खिलाड़ी सीट लाने में अनाड़ी....
Posted by : achhiduniya
23 October 2024
बीते लोकसभा चुनाव
में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को बिना शर्त समर्थन दिया था। इसकी खूब चर्चा भी
हुई। क्योंकि एक समय में वो मोदी के सबसे बड़े आलोचक थे,लेकिन लोकसभा चुनावो में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर पीएम पद
के लिए सबसे योग्य कोई है तो वो मोदी ही हैं यानि वो अपना रुख भी बदलते रहे हैं। बीजेपी
की सहयोगी शिवसेना ने भी उनके फैसले का स्वागत किया। माना गया कि विधानसभा चुनावों
में राज ठाकरे एनडीए में शामिल हो सकते हैं,लेकिन उन्होंने अकेले लड़ने का फैसला
किया। राज ठाकरे ने दिल्ली में अमित शाह से भी मुलाकात की थी। कई बार वो सीएम एकनाथ शिंदे से भी मिल चुके हैं,लेकिन एनडीए में वो शामिल
नहीं हुए और अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला किया। महाराष्ट्र में जब एमएनएस
प्रमुख राज ठाकरे की रैली होती है तो बड़ी भीड़ जुटती है।
मंच भव्य बनाया जाता है। उनके बोलने के अंदाज
में शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की छवि लोगों को दिखती है। उनकी राजनीति के
केंद्र में हिंदुत्व और मराठी मानुष का मुद्दा ही रहता है। इस बार राज ठाकरे ने अपने
बेटे अमित ठाकरे को चुनावी मैदान में उतारा है। माहिम सीट से उन्हें टिकट दिया गया
है। इस इलाके उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे की पकड़ मानी जाती है। राज ठाकरे के लिए
महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव फायदे का सौदा नहीं रहा है। पिछले दो विधानसभा
चुनावों में उनकी पार्टी को महज एक-एक ही सीट मिली थी।
किसी चुनाव को जीतने के लिए मजबूत संगठन की जरूरत
होती है। दूसरे दलों के मुकाबले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का संगठन कमजोर पड़
जाता है। चुनावी राजनीति में गठबंधन की भूमिका अहम हो जाती है,लेकिन राज ठाकरे ने
खुद को इससे दूर ही रखा है। दूसरी बात उनकी छवि को लेकर भी है। बीजेपी से उनके
गठबंधन की चर्चा अक्सर चुनावी माहौल में होती है,लेकिन बीजेपी हर कदम फूंक फूंककर
रखती है। उत्तर भारतीयों को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण के रुख लेकर कोई भी दल उनसे
गठबंधन करने से पहले सोचने पर मजबूर हो जाता है। चुनाव आयोग के मुताबिक,
महाराष्ट्र की 288 विधनसभा सीटों में से 2019 के विधानसभा चुनावों में राज ठाकरे की पार्टी ने
महाराष्ट्र की 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे,लेकिन महज एक सीट पर ही पार्टी को जीत
हासिल हुई। एमएनएस को 2.25 फीसदी वोट ही मिले। 2014 में एमएनस ने 219 सीटों पर उम्मीदवार दिए थे,लेकिन उसमें भी एक ही
सीट पर पार्टी जीतने में कामयाब हो पाई थी। उस चुनाव में पार्टी को 3.15
फीसदी वोट मिले थे।
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