- Back to Home »
- Discussion »
- गुड नाइट- आल आउट मौत की नींद भी सुला सकता है…मॉस्किटो वेपोराइजर देता है अस्थमा-हार्ट प्रॉब्लेम....
Posted by : achhiduniya
01 November 2024
मच्छरों को भगाने के लिए हम अक्सर खिड़कियों और दरवाजे को बंद कर के ही लिक्विड मॉस्किटो वेपोराइजर को ऑन करते हैं. लंबे समय में यह सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। लिक्विड वेपराइजर में इस्तेमाल किए जाने वाले इन सभी केमिकल्स के खिलाफ कोई भी एंटीडोट मौजूद नहीं है। इसीलिए वेपराइजर के इस्तेमाल को लेकर सावधान रहना जरूरी है। इसमें मौजूद केमिकल्स गर्भवती महिला, बच्चे, उम्रदराज लोग और पालतू जानवरों के लिए खासतौर पर नुकसानदायक होता है। इसके कैमिकल्स का बड़े पैमाने पर सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इससे आपको सिरदर्द, आंखों में एलर्जी, जलन, चक्कर, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे अधिक मात्रा में जलाने से बचें। लिक्विड वेपोराइजर में करीब 96 प्रतिशत
गंधहीन केरोसिन का इस्तेमाल किया जाता है।
सीडीसी के मुताबिक, गंधहीन
केरोसिन से सिर दर्द, एनोरेक्सिया, एकाग्रता में कमी और एडिक्शन जैसी समस्याएं उत्पन्न कर
सकता है। वेपोराइजर को ऑन करने के बाद दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर लेने से यह
आपकी सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। लिक्विड मॉस्किटो
वेपोराइजर में कई तरह के सुगंधित केमिकल्स के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है जो
हमारी सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। वेपेराइजर्स में आमतौर पर बेंजिल एसीटल, सिट्रोनेलोल और डाइमिथाइल ऑक्टाडाइन जैसे केमिकल्स का
उपयोग किया जाता है जो स्किन एलर्जी के साथ-साथ फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता
है। ब्यूटाइलेटेड
हाइड्रॉक्सी टोलुइन -
यह एक सिंथेटिक एंटी-ऑक्सीडेंट है जिससे एंडोक्राइन सिस्टम से संबंधित
गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। कई स्टडीज के मुताबिक, ब्यूटाइलेटेड हाइड्रॉक्सीटोल्यूइन को सेहत के लिए
नुकसानदायक नहीं मानने से पहले और रिसर्च की जरूरत है।
ट्रांसफ्लूथरिन- यह प्लांट बेस्ड कीटनाशक है
जो गुलदाउदी फूल से बनाया जाता है। इस केमिकल से एंग्जाइटी, रेस्पिरेट्री प्रॉब्लम्स, स्नीजिंग, रनी
नोज और स्किन एलर्जी जैसी समस्याएं देखी जाती है। यह केमिकल स्किन और सांस के जरिए
शरीर में प्रवेश करता है। यूएसईपीए ने इसे कैटेगरी 2 कार्सोजिन के लिस्ट में शामिल किया है। इस केमिकल की वजह
से गर्भ में पल रहे बच्चे के ब्रेन में डिफेक्ट आ सकता है,साथ ही छोटे बच्चों का
इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। पालतू जानवरों के लिए यह केमिकल परेशान करने वाला
होता है।


