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सरकारें बदलेंगी तो मंदिरों में संरक्षण करना मुश्किल हो जाएगा,वक्फ बोर्ड हो सकता है तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं….? देवकीनंदन ठाकुर
Posted by : achhiduniya
04 January 2025
कथावाचक
देवकीनंदन ठाकुर ने मंदिरों को सरकारों के नियंत्रण से मुक्त करने और सनातन बोर्ड
की स्थापना को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई। ठाकुर ने बेंगलुरु में आयोजित मंदिर
अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब वक्फ बोर्ड
हो सकता है तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं हो सकता? देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन बोर्ड नहीं बना तो जब
सरकारें बदलेंगी तो मंदिरों में संरक्षण करना मुश्किल हो जाएगा, जिस
तरह आज सम्भल में हालात हैं, वैसे हालात वापस भी आ सकते
हैं। हिंदुओं को मंदिरों की रक्षा के लिए माला के साथ साथ भाला भी उठाना होगा और
किसी भी हालत में देश के शंकराचार्य की अध्यक्षता में सनातन बोर्ड का गठन करना
होगा। देवकीनंदन ठाकुर ने मंदिर को सरकार के कंट्रोल से मुक्त करने की आवश्यकता पर
जोर देते हुए कहा
कि तिरुपति बालाजी मंदिर से राज्य सरकार को हर साल 500 करोड़
रुपये दिए जाते हैं,लेकिन इस राशि का इस्तेमाल धर्म परिवर्तन और प्रसाद में मिलावट
के लिए किया गया। गौरतलब
है की नवंबर
2024 में कथावाचक देवकीनंदन
ठाकुर ने सनातन धर्म संसद बुलाई थी। इस धर्म संसद में शामिल होने के लिए तमाम बड़े
नेताओं जैसे मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जेपी
नड्डा, अखिलेश यादव को भी निमंत्रण
भेजा गया था। देवकीनंदन ठाकुर सनातन
बोर्ड का गठन करने की मांग कर रहे थे। इस धर्म संसद में वक्फ बोर्ड की तर्ज पर
सनातन बोर्ड के गठन की मांग की जा रही है।