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- वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों से उनकी मस्जिदें छीनने के लिए.... AIMIM ओवैसी
Posted by : achhiduniya
17 March 2025
AIMIM
प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस बिल का मकसद मुसलमानों
से मस्जिद, दरगाह
और कब्रों को छीनना है। उन्होंने कहा कि हमारा सवाल
सिर्फ यही है कि अगर गुरुद्वारों, मंदिरों
में कोई गैर-सिख या गैर-हिंदू मेंबर नहीं बन सकता तो मुसलमान के इस वक्फ में क्यों
बन सकता है। उन्होंने कहा
कि अगर नरेंद्र मोदी इस मुल्क के अमन को खराब करना चाहते हैं। वो मंदिरों और
मस्जिदों के झगड़ों में इजाफा करना चाहते हैं, तो ये उनकी जिम्मेदारी रहेगी। ओवैसी ने आरोप लगाया है
कि इस बिल के जरिए वक्फ बाय यूजर खत्म हो जाएगा,अगर कोई विवाद होगा या गवर्मेंट
प्रॉपर्टी नहीं होगी तो वक्फ बाय यूजर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली
में 123 वक्फ की जायदादें हैं, जिस पर दिल्ली हुकूमत का दावा ये है कि ये गवर्मेंट की
प्रॉपर्टी है। कलेक्टर को इख्तियार देने का मतलब यही है कि कलेक्टर हुकूमत के हक
में फैसला देगा। ओवैसी ने कहा,जिस
मस्जिद के इमाम हमारे मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी साहब हैं, वहां पर सरकार कहती है कि वो सरकारी प्रॉपर्टी है,अगर
कल खुदा न खास्ता ये कानून बनेगा तो कोई भी जाकर दिल्ली सरकार की तरफ से वहां पर
एक नोटिस लगा देगा कि ये वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं है। ओवैसी ने कहा कि बिल के जरिए
ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी से हिबा को निकाल रहे हैं यानी कोई वक्फ को प्रॉपर्टी को
गिफ्ट नहीं कर सकता है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी आजकल
फजीलुत शेख बने हुए हैं और ये बता रहे हैं कि अगर कोई मुसलमान बनता है तो वह पांच
साल तक वक्फ को प्रॉपर्टी नहीं दे सकता है। ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा, ये कहां से इन्हें ये मालूम हुआ? कौन सी किताब में ये लिखा गया? तो इनका मकसद एक ही है कि भारत के मुसलमानों से उनकी
सियासी और मजहबी पहचान को छीन लिया जाए। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा,हम चंद्रबाबू नायडू, पासवान साहब और नीतीश कुमार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
याद रहे कि जब तक दुनिया कायम रहेगी और इस नाजुक वक्त में इस बिल की ताईद करेंगे
तो आपको मुसलमान कभी माफ नहीं करेंगे। आपकी ताईद की वजह से ये कानून बनेगा इसलिए
हम उनसे भी कह रहे हैं कि आप इस अनकॉन्स्टिट्यूशनल बिल की ताईद मत कीजिए।