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- 23.30 लाख रुपये शुल्क दे आजीवन आवासीय UAE का गोल्डन वीजा लें...
Posted by : achhiduniya
09 July 2025
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नामांकन-आधारित
वीजा नीति के तहत, भारतीय नागरिक अब 1,00,000 दिरहम (AED) यानी लगभग 23.30 लाख
रुपये का शुल्क देकर आजीवन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का गोल्डन वीजा ले सकते हैं। रिपोर्ट
में कहा गया है कि तीन महीने में 5,000 से अधिक भारतीय नामांकन-आधारित
वीजा के लिए आवेदन करेंगे। UAE सरकार ने इस वीजा नीति के पायलट प्रोजेक्ट के पहले
चरण के लिए भारत और बांग्लादेश को चुना है और भारत में नामांकन आधारित गोल्डन वीजा
के शुरुआती परीक्षण के लिए रयाद ग्रुप नाम की कंसल्टेंसी को चुना गया है। रयाद ग्रुप के
प्रबंध निदेशक रयाद कमाल अयूब ने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए UAE
का गोल्डन वीजा पाने का यह सुनहरा मौका है। उन्होंने
कहा,जब भी कोई आवेदक इस गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करता
है, तो हम सबसे पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच करेंगे, जिसमें एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के
साथ-साथ उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी भी शामिल होगी। कमाल ने कहा कि पृष्ठभूमि जांच
से यह भी पता चलेगा कि क्या और कैसे आवेदक किसी अन्य तरीके से UAE के बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को लाभ पहुंचा सकता है, जैसे संस्कृति, वित्त, व्यापार, विज्ञान, स्टार्ट-अप, पेशेवर सेवाएं आदि,उन्होंने कहा,इसके बाद रयाद ग्रुप सरकार को आवेदन भेजेगा, जो नामांकन-आधारित गोल्डन वीजा पर अंतिम निर्णय लेगी। रयाद
कमाल अयूब ने बताया कि नामांकन श्रेणी के तहत यूएई का गोल्डन वीजा चाहने वाले
आवेदक अपने देश से पूर्व-स्वीकृति प्राप्त कर सकते हैं, उन्हें दुबई जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि
भारत और बांग्लादेश में वन वास्को सेंटर, हमारे पंजीकृत कार्यालयों, हमारे ऑनलाइन पोर्टल या हमारे कॉल सेंटर के माध्यम से आवेदन
किए जा सकते हैं। यूएई गोल्डन वीजा मिलने के बाद व्यक्ति को अपने परिवार के
सदस्यों को दुबई लाने की आजादी मिल जाती है। कमाल ने कहा,इस वीजा के आधार पर आप नौकर और ड्राइवर भी रख सकते हैं। आप
यहां कोई भी व्यवसाय या पेशेवर काम कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि
संपत्ति-आधारित गोल्डन वीजा संपत्ति की बिक्री के साथ समाप्त हो जाता है
, लेकिन नामांकन-आधारित वीजा हमेशा के लिए बना रहेगा। यूएई
सरकार की पहल और इस वीजा के लिए पहले देश के रूप में भारत का चयन भारत और यूएई के
बीच मजबूत व्यापारिक, सांस्कृतिक और भू-राजनीतिक
संबंधों को दर्शाता है। ये संबंध में मई 2022 से प्रभावी दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी
समझौते (सीईपीए) के बाद और मजबूत हुए हैं। गोल्डन वीजा नामांकन प्रक्रिया यूएई और
इसके व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर करने वाले या भागीदार
देशों के बीच एक समझौता है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है जो भारत और बांग्लादेश के
साथ शुरू हुआ है। जल्द ही इसमें चीन और अन्य
सीईपीए देश भी शामिल किए जा सकते हैं। आवेदकों की जांच करने और फिर उन्हें यूएई
प्राधिकारियों को भेजने के लिए रयाद ग्रुप और वीएफएस को चुना गया है।