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- भारत से ज्यादा जरूरी कोई पार्टनर नहीं- अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
Posted by : achhiduniya
12 January 2026
भारत
में अमेरिकी राजदूत का पद संभालने के बाद सर्जियो गोर ने कहा- मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अगले
महीने भारत को पैक्ससिलिका में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित
किया जाएगा। उन्होंने कहा-मैं आज आपके साथ एक नई पहल भी साझा करना चाहता हूं जिसे
अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है, जिसका नाम पैक्ससिलिका है। पैक्ससिलिका अमेरिका
के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है,जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट
से लेकर एडवांस्ड
मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित,
समृद्ध और इनोवेशन-आधारित सिलिकॉन सप्लाई
चेन बनाना है। पिछले महीने इसमें शामिल होने वाले देशों में जापान,
दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इज़राइल शामिल हैं। आज,
मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि
अगले महीने भारत को इस देशों के समूह में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए
आमंत्रित किया जाएगा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा-आप में से कई लोगों ने
मुझसे चल रही ट्रेड डील बातचीत के बारे में अपडेट मांगा है। दोनों पक्ष सक्रिय रूप
से बातचीत कर रहे हैं। दरअसल, ट्रेड को लेकर अगली बातचीत कल होगी। भारत दुनिया
का सबसे बड़ा देश है इसलिए इसे फाइनल स्टेज तक पहुंचाना आसान काम नहीं है,लेकिन हम
इसे पूरा करने के लिए पक्के इरादे से काम कर रहे हैं और हालांकि ट्रेड हमारे
रिश्तों के लिए बहुत ज़रूरी है, हम सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी
क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।
दरअसल,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास माने
जाने वाले सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाल लिया है। राजदूत का पद संभालने के बाद सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को
लेकर कई अहम बयान दिए हैं। उन्होंने ये भी उम्मीद जताई
है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में
भारत आएंगे। इसके अलावा सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच
रिश्तों और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी कई अहम बयान दिए हैं। अमेरिकी राजदूत
सर्जियो गोर ने कहा पीएम मोदी के साथ
डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती सच्ची है। अमेरिका और भारत केवल साझा हितों से ही नहीं,
बल्कि एक मजबूत रिश्ते से भी जुड़े हुए
हैं। सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में वे हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा
लेते हैं।
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