- Back to Home »
- Judiciaries »
- डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट की दाखिल
Posted by : achhiduniya
13 January 2026
बीते दिनों ग्रेटर कैलाश में रहने
वाले NRI डॉक्टर दंपति डॉ.ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ.इंदिरा
तनेजा को 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच साइबर
ठगों ने वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। इस दौरान ठगों ने फर्जी मुकदमे,
अरेस्ट
वारंट, PMLA/मनी लॉन्ड्रिंग,
नेशनल
सिक्योरिटी के नाम पर धमकाया और आठ अलग-अलग खातों में किस्तों में करोड़ों रुपये
ट्रांसफर कराए, कभी 2 करोड़,
तो
कभी 2.10 करोड़,दंपति को बाहर
जाने या किसी से बात करने पर ठग लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखते थे। बैंक विजिट
के दौरान भी, यदि स्टाफ ने पूछताछ की तो ठगों ने पहले से
स्क्रिप्ट थमाकर झूठी कहानी बताने को कहा। मामला तब खुला जब
10
जनवरी
की सुबह ठगों ने दंपति को लोकल पुलिस स्टेशन जाने को कहा और दावा किया कि RBI
पैसा
रिफंड कर देगा। थाने पहुंचने पर स्पष्ट हुआ कि दंपति ₹14.85
करोड़
की ठगी का शिकार हो चुके हैं। मामले की जांच दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर
यूनिट IFSO को सौंप दी गई है। देश
में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस
रिपोर्ट दाखिल करते हुए कोर्ट के निर्देशों के
अनुसार दिल्ली पुलिस की FIR को CBI
को भी
ट्रांसफर कर दिया गया है और एजेंसी ने इस मामले में नई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर
दी है।
16 दिसंबर 2025
के
आदेश के तहत दिल्ली पुलिस की FIR नंबर 59/2025
को CBI
को
ट्रांसफर किया गया। CBI ने इसे FIR
नंबर RC2332026E0001
(दिनांक
09.01.2026) के रूप में रजिस्टर किया है और जांच शुरू हो चुकी
है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कम से कम एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है,
ताकि
सभी संबंधित मंत्रालयों/संस्थाओं से लिखित रिपोर्ट प्राप्त कर समग्र कार्ययोजना
पेश की जा सके। किसी का भी कॉल/वीडियो कॉल पर अरेस्ट वैध नहीं कानून में गिरफ्तारी
की निश्चित प्रक्रिया है। किसी भी धमकी पर कॉल काटें, खुद से वेरिफाई करें। 112/1930
(राष्ट्रीय
साइबर हेल्पलाइन), लोकल थाने,
आधिकारिक
ईमेल/नंबर पर संपर्क करें। बैंक ट्रांसफर से पहले अपने परिवार/वकील/बैंक मैनेजर से
सलाह लें। बड़ी रकम पर कूलिंग-ऑफ
अपनाए. स्क्रीन शेयर/OTP/पिन कभी किसी को न दें,अगर
शक हो तो तुरंत 1930 पर शिकायत और बैंक/UPI
पर
फ्रीज रिक्वेस्ट डालें, समय सबसे बड़ा फैक्टर
है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)