- Back to Home »
- Property / Investment »
- हजारों मुस्लिमो के बैंक अकाउंट अचानक हो रहे बंद जाने क्यू....?
Posted by : achhiduniya
28 January 2026
ब्रिटेन और अमेरिका
में रहने वाले कई मुस्लिम नागरिकों का कहना है कि बैंकिंग से जुड़ी सामान्य
गतिविधियां भी परेशानी का कारण बन रही हैं। थोड़ी बड़ी रकम ट्रांसफर करना,परिवार या समुदाय के लोगों से पैसा लेना, गैर-अंग्रेजी भाषा में भुगतान का विवरण लिखना, इन वजहों से खाते फ्रीज़ किए जाने के मामले सामने
आए हैं। कुछ लोगों ने बताया कि सीमित रकम से ज्यादा ट्रांसफर करने पर भी उनके
खातों पर रोक लगा दी गई। 9/11 के बाद
बनी अंतरराष्ट्रीय संस्था Financial Action Task Force (FATF) ने चेतावनी दी थी कि कुछ मामलों में आतंकियों की
फंडिंग चैरिटी के जरिए हो सकती है। इसके
बाद मुस्लिम चैरिटी और राहत संगठनों की बैंकिंग गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू
हुई। ब्रिटेन में 2014 के दौरान HSBC बैंक ने कई मुस्लिम संगठनों के बैंक अकाउंट बंद
कर
दिए थे। इन संगठनों को अकाउंट बंद होने की सूचना दी गई, लेकिन उन्हें न तो कोई स्पष्ट कारण बताया गया और
न ही अपील का मौका दिया गया। खबर के मुताबिक इन सख्त नियमों के बावजूद आतंकवादी
गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुकी हैं, जबकि बैंकिंग सेवाओं
से बाहर किए जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। गौरतलब है कि बिना किसी स्पष्ट वजह के बैंकिंग सेवाएं रोके
जाने के इन मामलों को डिबैंकिंग कहा जा रहा है। यह समस्या खासतौर पर 9/11
आतंकी हमलों के बाद लागू किए गए सख्त
बैंकिंग और वित्तीय नियमों से जुड़ी बताई जा रही है। इस मुद्दे को हाल ही में द
गार्डियन में प्रकाशित किया गया है।
ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक हज़ारों मुस्लिम
और प्रवासी परिवारों को बिना किसी अपराध के बैंकिंग सिस्टम से बाहर किया जा रहा है।
डिबैंकिंग का मतलब है बिना किसी ठोस कारण के किसी व्यक्ति या संस्था का बैंक
अकाउंट बंद कर देना या उसे फ्रीज़ कर देना। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक 9/11
के बाद कई देशों में बैंकों को यह
जिम्मेदारी दी गई कि वे आतंकवाद से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पहचान करें। इसके तहत
बैंकों को संदिग्ध लेनदेन पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया। आतंकी हमलों के बाद
अमेरिका समेत कई देशों ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए नए
नियम बनाए। बैंकों पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का डर बढ़ा। ऐसे में कई
बैंक जोखिम से बचने के लिए उन खातों को बंद करने लगे, जिनमें उन्हें किसी भी तरह का शक नजर आया।


