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- बिना मतदान के विजयी घोषित राज ठाकरे की पार्टी मनसे को बड़ा झटका….
Posted by : achhiduniya
14 January 2026
मनसे नेता अविनाश
जाधव की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया था कि चुनाव से पहले उम्मीदवारों को
बिना मतदान के विजयी घोषित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। याचिका में यह
भी आरोप लगाए गए थे कि कुछ स्थानों पर दबाव और प्रलोभन के चलते अन्य उम्मीदवारों
ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिससे मुकाबला ही नहीं हो पाया।हालांकि,
हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करने
से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई
ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य पेश नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव
प्रक्रिया कानून के अनुसार संचालित हो रही है और इसमें हस्तक्षेप का कोई
आधार नहीं
बनता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि किसी वार्ड में केवल एक ही वैध उम्मीदवार
मैदान में बचता है, तो उसे बिना विरोध निर्वाचित घोषित करना चुनावी कानूनों के अनुरूप है। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भविष्य में ऐसे
मामलों में जिम्मेदारी के साथ अदालत का रुख करने की सलाह भी दी। इस फैसले के बाद
महाराष्ट्र में कई महानगर पालिकाओं में पहले से घोषित बिना विरोध जीत पर कानूनी
मुहर लग गई है।
चुनाव आयोग और प्रशासन को अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनावी
प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, महाराष्ट्र में होने वाले महानगर पालिका चुनाव 2026 से पहले कई वार्डों में उम्मीदवारों के बिना
चुनाव के ही निर्विरोध निर्वाचित होने को लेकर दाखिल याचिका पर बॉम्बे
हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है, जिससे राज ठाकरे की पार्टी मनसे को बड़ा झटका लगा
है। हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि
मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की घोषणा वैध है। हालांकि इस
पर अभी चुनाव आयोग का अंतिम फैसला आना बाकी है।
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