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- लाखों का घोटाला गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का निकला तांबा
Posted by : achhiduniya
16 January 2026
पश्चिम मध्य रेलवे
के भोपाल मंडल में रेलवे सालों से कर्मचारियों को रिटायरमेंट के वक्त सम्मान के
तौर पर गोल्ड प्लेटेड एक चांदी का सिक्का सम्मान में देता है। अब रेलवे के
रिटायर्ड कर्मचारियों को ये सिक्का सम्मान मिला वो नकली चांदी के सिक्के को लेकर
खुद का अपमान बता रहे हैं। कर्मचारी कह रहे हैं कि हमारी भावनाओं को ठगने वालों पर
सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो जिम्मेदार अफसर हैं उन पर कार्रवाई होनी
चाहिए। इंडिया टीवी रेलवे के ऐसे रिटायर्ड कर्मचारी तक पहुंचा,
जिनके सहयोगियों ने सिक्का चेक कराया तो
वो ताबें का निकला। अब उन्हें दुख है कि चांदी के सिक्के के नाम पर उन्हें तांबे
का मिलावटी सिक्का पकड़ा दिया गया है। मध्य प्रदेश के भोपाल में रेलवे ने रिटायर
होने वाले कर्मचारियों को नकली सिक्के बांट दिए। बाद में जब खुलासा हुआ तो सिक्के
सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया और पुलिस थाने में शिकायत की
गई। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रेलवे ने इंदौर की बाईबल डायमंड कंपनी
से चांदी के तीन हजार सिक्के खरीदे थे। इनमें से कई सिक्कों की जांच में पाया गया
कि वह तांबे के बने हुए हैं। इसके
बाद रेलवे ने शिकायत की है और सिक्के सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर
दिया है।दरअसल,रेलवे की तरफ से
रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को सम्मान में चांदी के सिक्के दिए जाते हैं। इन
सिक्कों पर सोने की परत चढ़ी होती है, लेकिन असल में वह चांदी के होते हैं। हालांकि,
2023 से 2025
के बीच बांटे गए सिक्कों में पाया गया कि
वह चांदी नहीं तांबे के बने हुए हैं और उनके ऊपर सोने की परत चढ़ाई गई है। रिटार्यड कर्मचारियों को सम्मान के रूप में 20
ग्राम का चांदी का सिक्का दिया गया। ये
सिक्के 2023 से लेकर
2025 तक दिए गए,
लेकिन रेलवे की जांच में खुलासा हुआ कि ये
चांदी के सिक्के नहीं बल्कि तांबे के है। इसमें 99% चांदी होनी चाहिए थी लेकिन 99%
तांबा ही निकला। ऐसे 3631
सिक्के जिनकी कीमत 49
लाख रुपए है। रिटायर्ड कर्मचारियों को दे
दिए गए। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षद श्रीवास्तव ने
बताया कि रेलवे में रिटायरमेंट के दौरान रिटायर्ड कर्मचारियों को गोल्ड सिल्वर
कॉइन दिए जाते हैं। इन्हें ओपन टेंडर के माध्यम से खरीदा जाता है। इस बार जिस फर्म
ने सप्लाई किया था वह इंदौर की फर्म है। रेलवे की विजिलेंस द्वारा जांच करने पर
सामने आया है कि कुछ सिक्के है, जिनमें कमियां पाई गई हैं। इनमें प्रॉपर चांदी नहीं थी।
इसको ध्यान में रखते हुए इंदौर की जिस फर्म ने सप्लाई किए थे,
उसको ब्लैक लिस्ट किया गया है। उसके खिलाफ
भोपाल के बजरिया थाने में शिकायत की गई है। लगभग 3600 सिक्के खरीदे गए थे और कितनों में गड़बड़ी थी यह
जांच कराई जा रही है। रेलवे विभाग ने भोपाल के बजरिया थाने में शिकायत की है। थाना
प्रभारी शिल्पा कौरव का कहना है कि वेस्टन सेंट्रल रेलवे की तरफ से आवेदन मिला है।
2023 में 2631
सिक्के इंदौर की बाईबल डायमंड कंपनी से
लिए थे, फिर
सितंबर 2025 में
विजिलेंस कमेटी से जांच कराई तो वो कॉपर निकला। इसी को लेकर रेलवे ने आवेदन दिया
कि कंपनी और सिक्कों को सर्टिफाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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