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घुसपैठ रोकने बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए BSF को जमीन सौंप दी जाए…बंगाल सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Posted by : achhiduniya
29 January 2026
कलकत्ता हाईकोर्ट ने
बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए केंद्र से मिले फंड से
खरीदी गई सारी ज़मीन 31 मार्च, 2026 तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF)
को सौंप दी जाए। यह निर्देश चीफ
जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच दिया है। यह मुद्दा BJP
लंबे समय से उठा रही है,
जिसने पश्चिम बंगाल सरकार पर बॉर्डर
इलाकों में ज़मीन देने में देरी करने और इस तरह फेंसिंग के काम में रुकावट डालने
का आरोप लगाया है। बॉर्डर की ज़मीन से जुड़ी एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL)
फाइल होने के बाद यह मामला ज्यूडिशियल
जांच के दायरे में आया था। PIL में पश्चिम बंगाल से लगी बिना बाड़ वाली
भारत-
बांग्लादेश सीमा (IBB) पर गंभीर चिंताओं को उठाया गया है,
जो अंतरराष्ट्रीय सीमा का सबसे लंबा
हिस्सा है- 2,216.70 किमी और राज्य के नौ जिलों में फैला हुआ है। याचिका में नशीले
पदार्थों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े अपराधों में
तेज़ी से बढ़ोतरी की ओर इशारा किया गया है। राज्यसभा में पूछे गए सवालों से मिले
डेटा को कोर्ट के सामने रखा गया है। इसमें पिछले कुछ सालों में सीमा पार घुसपैठ के
लिए पकड़े गए लोगों की संख्या दिखाई गई है, जिसमें हाल के सालों में, खासकर 2023, 2024 और जुलाई 2025 तक, काफी बढ़ोतरी देखी गई है।
जिसके बाद कोर्ट ने यह
आदेश दिया है। कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि चुनावी प्रक्रियाओं या प्रशासनिक देरी
को BSF को ज़िम्मेदारी
सौंपने में देरी की वजह के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है। सीमा को राजनीति,
चुनाव या अहंकार से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उसे सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा की परवाह है। देरी हर सेकंड को कमज़ोरी में बदल रही
है। हर सेकंड कीमती है।


