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- वोटिंग के बाद NOTA विकल्प पर क्या बोले मोहन भागवत…?
Posted by : achhiduniya
15 January 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक
संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मतदान के बाद कहा,चुनाव लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है और
इसलिए मतदान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी
लोग चुनाव के दौरान एक योग्य उम्मीदवार को ही वोट दें। इसलिए,
आज मैंने सबसे पहला काम यह किया कि वोट
डाला। NOTA विकल्प पर बोलते हुए उन्होंने कहा, नोटा का मतलब है कि आप सभी को अस्वीकार करते हैं
और ऐसा करके हम एक ऐसे व्यक्ति को बढ़ावा देते हैं जिसे कोई नहीं चाहता।
उन्होंने आगे कहा कि NOTA
लोगों को अपनी असहमति व्यक्त करने का एक
विकल्प देता है,लेकिन किसी को भी वोट नहीं देने से बेहतर है कि किसी
को वोट दिया
जाए। RSS के
पूर्व सर कार्यवाह और केंद्रीय समिति के सदस्य भैयाजी जोशी भी शुरुआती मतदाताओं
में शामिल थे। उन्होंने चुनाव में मतदान के महत्व पर जोर दिया। भैयाजी जोशी ने कहा,
लोकतंत्र में सरकारें जनादेश से बनती हैं,
जिसे अक्सर चुनाव के माध्यम से व्यक्त
किया जाता है जहां नागरिक अपने प्रतिनिधियों के लिए मतदान करते हैं। हम चाहते हैं
कि लोकतंत्र में हर कोई अपने मताधिकार का इस्तेमाल करे। लोकतंत्र में सरकार जनादेश
से बनती है और यह अपेक्षा की जाती है कि चुनी हुई सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा
करे।

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