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- EVM के साथ PADU मशीन जोड़ने पर विवाद
Posted by : achhiduniya
14 January 2026
चुनाव आयोग ने
मतदान के दौरान EVM के साथ
प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट [PADU] इस्तेमाल करने का फैसला किया है। चुनाव आयोग के इस फैसले से विवाद पैदा हो
गया है। विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के फैसले
को लेकर सवाल उठा रही है। मतदान
प्रक्रिया के दौरान बड़ी स्क्रीन पर जानकारी प्रदर्शित करने के लिए PADU मशीन का उपयोग किया जाएगा,लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PADU मशीन से वीवीपीएटी की तरह कागज की रसीद
नहीं निकलेगी। एमएनसी प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई नगर निगम चुनाव में PADU के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि इस नई मशीन के
बारे में किसी भी पार्टी को सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने इस पर संदेह व्यक्त किया, लेकिन नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने तुरंत एक
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस PADU मशीन के
बारे में जानकारी दी। गगरानी ने बताया कि PADU एक नियंत्रण इकाई भी है। यह मशीन मुख्य रूप से एक सहायक डिस्प्ले डिवाइस है, जिसका उपयोग मतदान प्रक्रिया को आसान और
अधिक दृश्यमान बनाने के लिए किया जा सकता है। चुनाव आयोग के अनुसार यह नई PADU मशीन EVM से जोड़ी जाएगी। PADU का पूरा नाम है डिप्लॉय प्रिंटिंग
ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट है। PADU मशीन एक अतिरिक्त छोटा उपकरण है, जिसे EVM से जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम से कंट्रोल यूनिट और बैलेट
यूनिट को जोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं।
मुंबई नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि अगर कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले अचानक बंद हो जाता है, तो PADU मशीन काम आएगी। उन्होंने कहा कि यह एक बैकअप मशीन है। इस मशीन का निर्माण बीएचईएल ने किया है। कंपनी ने मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए 140 PADU यूनिट भेजी हैं। यह मशीन मतदान केंद्र पर रहेगी। ईवीएम की तरह यह मशीन भी वहां मौजूद रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मशीन की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी,लेकिन PADU मशीनों को बैकअप विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया गया है। गगरानी ने बताया कि आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर इसका उपयोग सबसे पहले किया जाएगा। इसके लिए 140 PADU यूनिट मंगाई गई हैं। इनके उपयोग की संभावना है।
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के
मद्देनजर, एमएनएस प्रमुख
राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के एक नए फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने चुनाव प्रचार अवधि समाप्त होने
के बाद भी उम्मीदवारों को मतदान के दिन तक घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति देने
वाले नियम को लेकर सरकार और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज ठाकरे ने सवाल किया कि इस चुनाव के
लिए यह नियम क्यों है? यह मुद्दा
विधानसभा या लोकसभा में क्यों नहीं उठा? पुराने नियम को वापस लाने की क्या जरूरत
महसूस हुई? ईवीएम भी
पुरानी हैं। ईवीएम पुरानी
होने के कारण नई मशीनें लगाई जा रही हैं। ये नई मशीनें क्या हैं। लोगों को नहीं पता। हमें भी नहीं पता। लोगों को देखना चाहिए कि किस तरह की राजनीति चल रही है। उन्होंने सवाल किया कि ये किस तरह की मशीन
है?
ये कैसी दिखती है? इससे क्या होता है? एक ईवीएम मशीन है जिसमें राजनीतिक लोगों
को बूथ पर बुलाया जाता है और बटन दबाने को कहा जाता है। वे दिखाते हैं कि यह सही है या नहीं,अब एक नई मशीन आ गई है। वे इसे राजनीतिक दलों को दिखाना नहीं
चाहते थे। इतनी अफरा-तफरी
मची हुई है। ये किस तरह का
चुनाव है? आखिर चल क्या
रहा है?
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