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SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों-ट्रांसपेरेंसी की कमी, बीजेपी वर्कर्स पर असली वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाने के…
Posted by : achhiduniya
31 January 2026
कांग्रेस ने
आरोप लगाया कि जिला और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, रूल 15(1)(b)
के तहत जरूरी फॉर्म-7
के तहत फाइल किए गए
ऑब्जेक्शन की डिटेल्स पब्लिक में दिखाने में फेल रहे हैं और उन वोटर्स की लिस्ट भी पब्लिश नहीं की
जिनके खिलाफ रूल 21A के तहत सुधारात्मक कार्रवाई की गई थी।
रिप्रेजेंटेशन में दावा किया गया,ऐसा लगता है कि (पोल) अधिकारी जानबूझकर सब
कुछ दबा रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव अधिकारियों को एक
रिप्रेजेंटेशन दिया, जिसमें राज्य में चल रहे वोटर लिस्ट के
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और
ट्रांसपेरेंसी की कमी का आरोप लगाया गया। गुजरात के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर हरीत
शुक्ला को दिए अपने रिप्रेजेंटेशन में पार्टी ने बीजेपी वर्कर्स पर असली वोटर्स के
नाम लिस्ट से हटाने के लिए बल्क में ऑब्जेक्शन फाइल करने का
आरोप लगाया। गुजरात
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी को ऐसे दावे
करने से पहले रोल रिवीजन के रूल्स और रेगुलेशंस को समझने की जरूरत है।गुजरात
बीजेपी के प्रवक्ता अनिल पटेल ने कहा,एसआईआर इलेक्शन कमीशन द्वारा उन रूल्स और
रेगुलेशंस के अनुसार किया जा रहा है, जिन्हें आजादी के बाद कभी नहीं बदला गया।
फॉर्म नंबर 7 (नाम हटाने के लिए) प्रोसेस के हिस्से के तौर पर जमा किए जा रहे हैं और
चुनाव आयोग उन ऑब्जेक्शन्स को कानून के अनुसार ट्रांसपेरेंट तरीके से वेरिफाई
करेगा।
चुनाव आयुक्त को लिखे लेटर में, गुजरात कांग्रेस प्रेसिडेंट और विधायक
अमित चावड़ा ने दावा किया कि राज्य भर में चुनाव अधिकारी रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स
रूल्स, 1960 के तहत तय जरूरी प्रोसेस को फॉलो नहीं कर
रहे हैं। चुनाव आयोग ने पिछले साल के आखिर में गुजरात में इलेक्टोरल रोल्स का
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू किया था और ऑब्जेक्शन फाइल करने की डेडलाइन 18
जनवरी से बढ़ाकर 30
जनवरी कर दी थी।
गुजरात के साथ 8 अन्य राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह
प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस ने दावा किया कि बीजेपी वर्कर असली वोटर्स के नाम
रोल्स से हटाने की कोशिश में बिना डॉक्यूमेंट्री सबूत दिए पूरे राज्य में
ऑब्जेक्शन फाइल कर रहे थे।


