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- 1 साल पहले दफनाए गए शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम..जाने क्या है मामला...?
Posted by : achhiduniya
08 April 2026
जानकारी के मुताबिक, गयासुद्दीन कुरैशी की 27
मार्च
2025 को हुई मौत के बाद उनके भाई कासिमुद्दीन कुरैशी ने
शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। उनका दावा था कि अस्पताल की डिस्चार्ज समरी
में सीने पर चोट के निशान का उल्लेख है, जो सामान्य मौत की ओर
इशारा नहीं करता। इस संबंध में उन्होंने नवंबर 2025
में
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक से शिकायत भी की थी, लेकिन अपेक्षित
कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा। मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर
जिले में एक साल पहले दफनाए गए
शव को हाई कोर्ट के आदेश पर बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराने का सामने आया है,
जिसने
पूरे घटनाक्रम को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
इस पूरे मामले में एक जटिल
मोड़ तब आया जब मृतक की पत्नी ने ही कासिमुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए
उन पर ही अपने पति की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के
बीच वर्ष 2015 से चल रहे पारिवारिक
विवाद ने पूरे मामले को और उलझा दिया। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने 22
जनवरी
2026 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि कब्र से शव
निकालना एक असाधारण प्रक्रिया है, जिसे ठोस और स्पष्ट
साक्ष्यों के अभाव में अनुमति नहीं दी जा सकती, खासकर तब जब
याचिकाकर्ता स्वयं आरोपों के घेरे में हो।
हालांकि, सिंगल बेंच के फैसले के
खिलाफ दायर अपील पर डिवीजन बेंच ने 7 अप्रैल 2026
को
सुनवाई करते हुए प्रशासन को शव निकालकर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया और
याचिकाकर्ता को एसडीएम अधारताल के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया। इसके बाद 8
अप्रैल
2026 को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव
निकाला गया और मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा गया। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम
रिपोर्ट पर निर्भर है, जो यह तय करेगी कि यह
मौत स्वाभाविक थी या फिर किसी साजिश का परिणाम।


