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पैसे दो, वरना माल रिजेक्ट कर दूंगा,सर्वेयर द्वारा हर किसान से अवैध वसूली,एफआईआर और सख्त कार्यवाही की मांग
Posted by : achhiduniya
27 April 2026
भ्रष्टाचार के इस खेल का खुलासा ग्राम पूनमखेड़ी के किसान सुरेंद्र धाकड़ ने
किया है। सुरेंद्र धाकड़ ने साक्ष्यों के साथ बताया कि केंद्र पर तैनात सर्वेयर
वीरेंद्र यादव द्वारा प्रत्येक मसूर की ट्रॉली से 2,000 रुपये से लेकर 6,000
रुपये तक की अवैध वसूली की
जा रही है। सर्वेयर किसानों को स्पष्ट धमकी देता है कि पैसे दो,
नहीं तो तुम्हारा माल
रिजेक्ट कर दूंगा। जो किसान रिश्वत दे देते हैं, उनका खराब माल भी पास कर
दिया जाता है, लेकिन जो ईमानदारी से अपनी उपज लाते हैं,
उन्हें रिजेक्शन का डर
दिखाकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। दरअसल,मध्य प्रदेश के गुना में फसल खरीद केंद्र पर किसानों से रिश्वत लेने का वीडियो
सामने आया है। वीडियो शेयर करने वाले किसान ने आरोप लगाया है कि सर्वेयर हर किसान
से 2000 से लेकर 6000 रुपये तक वसूल रहा है। वीडियो में भी आरोपी सर्वेयर 700
रुपये की रिश्वत लेता नजर आ
रहा है। किसान ने बताया कि वह 65 क्विंटल मसूर लेकर आया था
और इसे पास कराने के लिए उसे 3000 रुपये की रिश्वत देनी पड़ी।
घटना पगारा सेवा सहकारी समिति मर्यादित खरीदी केंद्र (बिलोनिया वेयरहाउस)
की है। यहां समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने आए किसानों से सर्वेयर द्वारा
खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। माल पास करने के नाम पर हजारों रुपयों की मांग की
जा रही है, जिससे आक्रोशित किसानों ने
अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान सुरेंद्र धाकड़ ने इस लूट का
वीडियो भी बनाया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में
कथित तौर पर सर्वेयर को पैसे लेते हुए देखा जा सकता है। सुरेंद्र के अनुसार,
उनके 65
क्विंटल माल को पास कराने
के बदले उनसे 3,000 रुपये की रिश्वत ली गई। किसान का कहना है कि यह केवल एक
व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि केंद्र पर आने वाले
हर अन्नदाता को इस संगठित लूट का शिकार बनाया जा रहा है। पीड़ित किसानों ने
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से दोषी
सर्वेयर वीरेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उसे सेवा से पृथक किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर शिकंजा नहीं कसा गया और अवैध
वसूली बंद नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और सडक़ों पर उतरकर अपनी आवाज
बुलंद करेंगे।

