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डिजिटल अरेस्ट स्कैम,कैसे बचे कहां करे शिकायत...? सरकार दवारा सिम कार्ड निगरानी व्हाट्सएप और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्ती
Posted by : achhiduniya
28 April 2026
डिजिटल अरेस्ट स्कैम में अक्सर फर्जी या गलत तरीके से
लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए
सरकार इस कड़ी को सबसे पहले मजबूत करना चाहती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट
में पेश अपनी रिपोर्ट में सिम कार्ड के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियमों की
वकालत की है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए
सिम जारी करने से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही,
सिम
बेचने वाले विक्रेताओं की जांच भी पहले से ज्यादा कड़ी होगी। दूरसंचार कंपनियों को
अपने ग्राहकों की जानकारी सरकारी एजेंसियों के साथ साझा करनी पड़ सकती है,
ताकि
ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके। सरकार ने व्हाट्सएप जैसे इंस्टेंट
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए भी नए सुरक्षा उपाय सुझाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया
है कि बार-बार
ठगी में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस को ब्लॉक किया जाए। इसके
अलावा, व्हाट्सएप अकाउंट को सिम कार्ड
से जोड़ने और संदिग्ध लंबी कॉल्स की पहचान करने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
जांच एजेंसियों की मदद के लिए डिलीट किए गए अकाउंट का डेटा कुछ समय तक सुरक्षित
रखने का प्रस्ताव भी रखा गया है। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर जैसी
एजेंसियों के साथ मिलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को तेजी से कार्रवाई करनी होगी,
ताकि
ठगी के नेटवर्क को समय रहते तोड़ा जा सके।
सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक की उस नीति
का समर्थन किया है, जिसके तहत साइबर ठगी से
जुड़े संदिग्ध बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया जा सकता है। केंद्र चाहता
है कि यह व्यवस्था पूरे देश में एक समान लागू हो,अगर
आप डिजिटल स्कैम का शिकार होते हैं, तो
तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, शिकायत दर्ज करने का
पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके
अलावा, अपने बैंक को तुरंत सूचित करें,
ट्रांजैक्शन
रुकवाएं और अपने कार्ड को लॉक कर दें।
त्वरित कार्रवाई से आपका पैसा बचाया जा सकता है।


