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- हज यात्रीयों पर महंगाई की मार,एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में उछाल
Posted by : achhiduniya
30 April 2026
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अनगिनत परिवारों के लिए हज एक ऐसा सपना होता है, जो जीवन में केवल एक बार पूरा होता है और जिसे वे सालों तक संजोकर रखते हैं। मैं उस भावना का दिल से सम्मान करता हूं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से एयरलाइंस ने प्रति यात्री 300-400 अमेरिकी डॉलर की बड़ी वृद्धि की मांग की थी। एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में इस बढ़ोतरी के लिए एयरलाइंस को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए हमने यह सुनिश्चित किया कि बढ़ोतरी सिर्फ 100 अमेरिकी डॉलर तक सीमित रहे,
जिससे हर यात्री को काफी राहत मिली। यह फैसला पूरी पारदर्शिता और सद्भावना के साथ लिया गया है,
ताकि हज 2026 की
व्यवस्थाओं में कोई रुकावट न आए। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि जहां हज कमेटी ने वृद्धि को न्यूनतम रखने का प्रयास किया है, वहीं निजी टूर ऑपरेटरों ने पहले ही अपने किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी थी और हाल ही में उसमें लगभग 150 डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि और कर दी है।गौरतलब है की सरकार के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संकट की वजह से 'एविएशन टर्बाइन फ्यूल' (ATF) की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस वैश्विक आपातकाल का हवाला देते हुए एयरलाइंस ने प्रति तीर्थयात्री 300 से 400 अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी की मांग की थी।
हज कमेटी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एयरलाइंस के साथ बातचीत की। सरकार ने कहा कि गहन विचार-विमर्श के बाद इस वृद्धि को घटाकर केवल 100 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹8,400-₹10,000) प्रति तीर्थयात्री पर सीमित कर दिया गया है। मंत्रालय ने आंकड़ों के जरिए बताया कि सरकार के इस हस्तक्षेप से प्रति तीर्थयात्री लगभग 200 से 300 डॉलर की बचत हुई है, जो एयरलाइंस मूल रूप से मांग रही थीं। यह निर्णय सभी प्रस्थान केंद्रों के लिए समान रूप से लागू होगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के कारण लिया गया है। वर्तमान में एक लाख से अधिक तीर्थयात्री हज 2026 के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।



