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- बरामद रिश्वत के पैसे को चूहों ने खा लिया,दोषी महिला अफसर बरी
Posted by : achhiduniya
26 April 2026
एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस
के. वी. विश्वनाथन की बेंच
ने कहा, हमें यह जानकर
हैरानी हुई कि मुद्रा नोट को चूहों ने नष्ट कर दिया। हम सोच रहे हैं कि ऐसे मामलों
में बरामद कितने पैसे इसी तरह नष्ट हो जाते होंगे। यह तो किसी राज्य के लिए राजस्व
का बड़ा नुकसान है। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि नोट नष्ट होने को
लेकर दिया गया स्पष्टीकरण भरोसा नहीं दिलाता। कोर्ट ने भ्रष्टाचार
निवारण अधिनियम के मामले में दोषी ठहराई जा चुकी महिला को
जमानत देते हुए उस दावे को लेकर हैरानी जताई कि इस केस में बरामद रिश्वत के पैसे
को चूहों ने नष्ट कर दिया। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस प्रकार की स्थिति तो राज्य
के लिए भारी राजस्व
नुकसान की वजह बन सकती है। बता दें कि ये केस
एक महिला अफसर से जुड़ा हुआ है, जो बाल विकास
कार्यक्रम अधिकारी हुआ करती थीं। उनके ऊपर 10 हजार रुपये घूस
डिमांड करने का आरोप था। इस मामले में उन्हें निचली अदालत ने बरी कर दिया था।
हालांकि, बाद में जब पटना हाइकोर्ट में मामला पहुंचा तो
उसने निचली अदालत का निर्णय पलट दिया और आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए सजा सुना
दी। पटना हाईकोर्ट ने महिला को भ्रष्टाचार निवारण
अधिनियम की धाराओं में कारावास की सजा दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने
फिलहाल महिला को मिली सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का ऑर्डर दे
दिया है। बेल की शर्तें ट्रायल कोर्ट की तरफ से तय होंगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस
मामले की सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट के उस
अवलोकन पर भी ध्यान दिया, जिसमें ये कहा गया
था कि सीज की गई रिश्वत की राशि वाला लिफाफा चूहों ने नष्ट किया। हालांकि,
मालखाना रजिस्टर में
उसकी एंट्री थी। पटना हाईकोर्ट ने
इसमें माना था कि सिर्फ रकम का नष्ट हो जाना मामले को कमजोर नहीं करता,
अगर अन्य सबूत दोष
सिद्ध करने के लिए काफी हों। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने
इशारा किया कि इस पहलू की अंतिम सुनवाई के वक्त विस्तार से जांच होगी।

