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- राष्ट्रीय राजधानी बाल तस्करी की मंडी बन गई…. दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यू और किसे कहा…?
Posted by : achhiduniya
01 April 2026
मुख्य न्यायाधीश
डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस'
द्वारा दायर जनहित याचिका पर रेलवे,
दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण
आयोग (NCPCR) को नोटिस जारी किया। पीठ ने पाया कि न्यायिक आदेशों के बाद भी बाल
तस्करी का खतरा बना हुआ है। उसने NCPCR को इस मामले में उचित निर्देश पारित करने में
सक्षम बनाने के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10
जुलाई के लिए तय करते हुए एनसीपीसीआर से
अपने सुझाव देने को भी कहा। सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की,
'दिल्ली अब बाल तस्करी की मंडी बन गई है
और
इस तथ्य को जानने के लिए आपको याचिका पढ़ने की जरूरत नहीं है। बस दो घंटे रेलवे
स्टेशनों के आसपास घूमिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी
बाल तस्करी की मंडी बन गई है। कोर्ट ने रेलवे और पुलिस को उस जनहित याचिका पर जवाब देने
को कहा, जिसमें
रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में बाल तस्करी की घटनाओं पर चिंता जताई गई
है।
कोर्ट ने गौर किया
कि हालांकि रेलवे सहित अन्य विभागों द्वारा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए उपाय
अपनाए गए, लेकिन
प्रभावी कार्यान्वयन की कमी के कारण स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। याचिकाकर्ता
की ओर से पेश वकील प्रभसहाय कौर ने कहा कि 2018 से 2024 के बीच रेलवे परिसर में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 84,000
से अधिक बच्चों को बचाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एक घटना ऐसी भी हुई थी
जिसमें आनंद विहार रेलवे स्टेशन से बचाई गई एक बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष
पेश करने के बजाय तस्करों को वापस सौंप दिया गया था, और बाद में एक छापेमारी में उसे फिर से बचाया
गया।


