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- जामा मस्जिद विवादों में,तहखाने में जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां
Posted by : achhiduniya
14 June 2026
हाल ही में
जामा मस्जिद के अंडरग्राउंड हिस्से का एक वीडियो सामने आया है,
जिसमें हिंदू
देवी-देवताओं और भगवान मल्लिनाथ सहित जैन तीर्थंकरों की प्राचीन मूर्तियां और
नक्काशीदार पत्थर दिखाई देने का दावा किया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद
जामा मस्जिद के मूल स्वरूप को लेकर बहस तेज हो गई है और अलग-अलग तरह के दावे किए
जा रहे हैं। हिंदू और जैन संत समुदायों का दावा है कि यह स्थल मूल रूप से 'समी विहार' या प्राचीन मंदिर था,
जिसे तोड़कर मुगल
काल में जामा मस्जिद का निर्माण किया गया। वे पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण
कराने की मांग कर रहे हैं। हिंदू और जैन पक्ष की मांग है कि जामा मस्जिद के मूल स्वरूप की जांच होनी चाहिए। वे इसके प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई मस्जिद
होने का दावा कर रहे हैं। दरअसल,गुजरात के भरुच की लगभग 700 साल पुरानी जामा मस्जिद विवादों में है।
इस ऐतिहासिक स्थल की जमीन और मूल स्वरूप को लेकर अलग-अलग तरह के दावे
सामने आने के
बाद यह मामला धार्मिक-ऐतिहासिक बहस में तब्दील हो गया है। दरअसल,
हाल में सामने आए एक
वीडियो के बाद जामा मस्जिद का विवाद और गहरा गया है, जिसमें मस्जिद के तहखाने में जैन
तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां व नक्काशीदार पत्थर दिखने
का दावा किया गया है। इस दावे के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जामा
मस्जिद ट्रस्ट और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन दावों को खारिज किया है।
उनका कहना है कि इस स्थान के उनके पास ऐतिहासिक और धार्मिक प्रमाण हैं जो इसे
मस्जिद साबित करते हैं। मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने का दावा गलत है। वर्तमान
में भरुच की जामा मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI
के संरक्षण में है।
इस विवाद के बाद से ASI और स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर हैं और
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जामा मस्जिद के आसपास आने-जाने वालों पर नजर
रखी जा रही है। यहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

