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- वक्फ बोर्ड में दो हिंदुओं को भी सदस्य बनाया गया..
Posted by : achhiduniya
05 July 2026
संशोधित वक्फ कानून 2025
के तहत नए वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन चुका है और मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को
बोर्ड में बतौर सदस्य शामिल करना वक्फ बोर्ड के इतिहास में महत्वपूर्ण कदम माना जा
रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश
में नए कानून के तहत नए वक्फ बोर्ड का गठन किया गया है और ये पहली बार है जब किसी
राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियक्ति की गई है। जी हां,
राज्य के पुनर्गठित वक्फ बोर्ड में दो
हिंदुओं को भी सदस्य बनाया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने बोर्ड का पुनर्गठन करते
हुए दो हिंदू सदस्यों की नियुक्ति की है। इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष
भार्गव को वक्फ बोर्ड में बतौर सदस्य शामिल किया गया है और राज्य सरकार की ओर से
इसका अधिसूचना राजपत्र भी जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार सनवर पटेल बोर्ड के अक्ष्यक्ष
होंगे। इसी के साथ मध्यप्रदेश वक्फ अधिनियम 1995
(संशोधित 2025) की धारा 13 और धारा 14 के प्रावधानों के तहत नए वक्फ बोर्ड का गठन करने
वाला देश का पहला राज्य भी बन गया है। राज्य
के नवगठित वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की बात करें तो सनवर पटेल इसके अध्यक्ष होंगे,
जो पिछले बोर्ड के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
बोर्ड में कुल 10 सदस्य
शामिल किए गए हैं, जिनमें पहली बार दो हिंदुओं को सदस्य बनाया गया है। पुनर्गठित वक्फ
बोर्ड की बात करें तो विधायक आतिफ अकील (भोपाल उत्तर), फैजान खान (उज्जैन), नजमा हेपतुल्ला (नई दिल्ली),
शाइस्ता सुल्तान (पार्षद,
बैरसिया), बहन फातेमा चौधरी (इंदौर) शबाना
खान (पार्षद,
रतलाम), मनोज मालपानी (इंदौर), अनिमेष भार्गव (राघौगढ़, गुना) और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण
विभाग के आयुक्त को बोर्ड का सदस्य बनाया गया है. राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना राजपत्र में
साफ किया गया है कि नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल अभी जारी रहेगा। उनका चयन साल 2023
में वक्फ अधिनियम के तहत हुआ था और 18
अप्रैल 2028 तक उनका कार्यकाल जारी रहेगा। यही वजह है कि उन्हें
बचे हुए कार्यकाल के लिए नए बोर्ड में भी शामिल किया गया है।

