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- लगातार 150 थप्पड़ मारकर बचाई छोटे भाई की जान जाने क्या है पूरा मामला...?
Posted by : achhiduniya
16 August 2026
21 वर्षीय युवक को होश में रखने के लिए उसके बड़े भाई ने लगातार थप्पड़
मारे, जबकि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाकर उसे नया जीवन
दिया। दरअसल,हरदोई में एक युवक को एक जहरीले सांप ने
डस लिया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। लेकिन भाई ने
उसे सोने से बचाने
के लिए लगातार थप्पड़ मारकर जगाए रखा तो वहीं डॉक्टर उसे एक के बाद एक एंटी वेनम
डोज देते। समय पर मिली मदद, डॉक्टरों की सूझबूझ और बड़े भाई के
प्रयासों से उसकी जान बचाई जा सकी। घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर की
है। आकाश नामक व्यक्ति डेयरी चलाते हैं। शनिवार दोपहर उनके छोटे भाई अरुण (21)
खेत में उनके लिए
पानी लेकर गए थे। दोपहर करीब 2 बजे जब अरुण ने घास की बोरी उठाई,
तो वहां छिपे एक
सांप ने उन्हें डस लिया। अरुण के चीखने पर आकाश तुरंत उन्हें सड़क की ओर लेकर भागे
और एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अरुण की हालत तेजी से बिगड़ रही थी।
इसी दौरान प्रगति नगर निवासी
मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते
हुए शिवम ने दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और बिना देर किए उन्हें मेडिकल
कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज
पहुंचते ही इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने
तत्काल इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टर ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि मरीज को किसी
भी कीमत पर सोने न दिया जाए। डॉक्टर के निर्देश का पालन करते हुए बड़े भाई आकाश ने
अरुण को होश में रखने के लिए लगभग 150 थप्पड़ मारे, ताकि वह जागते रहे और उनकी हालत पर नजर
रखी जा सके। डॉ. शेर सिंह
के मुताबिक आमतौर पर सांप के काटने पर पांच इंजेक्शन दिए जाते हैं,
लेकिन अरुण के शरीर
में जहर के गंभीर प्रभाव को देखते हुए दो घंटे के भीतर कुल 15
एंटी-वेनम इंजेक्शन
लगाए गए। डॉक्टर ने बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज का सो जाना जानलेवा हो
सकता है, क्योंकि इससे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) अवरुद्ध होने और सांस की
नली में उल्टी फंसने का खतरा रहता है।

