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- सोनिया गांधी द्वारा वंदे मातरम् के अपमान पर घिरी कांग्रेस दी सफाई
Posted by : achhiduniya
15 August 2026
सरकार
की ओर संसद में प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल हॉनर( अमेंडमेंट) बिल 2026
को इसी मानसून
सत्र के दौरान राज्यसभा में 29 जुलाई और लोकसभा में 30
जुलाई को पारित
किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वंदे मातरम् को
राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत अतिरिक्त कानूनी संरक्षण मिला है। नए
प्रावधानों के तहत वंदे मातरम् के गायन का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में
बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है। इस तरह राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण के मामले
में राष्ट्रीय गान के बराबर लाने की कोशिश की गई है। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में हुए आयोजन के दौरान
सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरा वंदे मातरम् गाने पर सवाल उठाए और रोकने की
कोशिश की। अब इस मामले पर कांग्रेस की सफाई देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के इन आरोपों को गलत बताते हुए
पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी ने
वंदे मातरम् गाने से नहीं रोका था बल्कि वह मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने
की बात कर रही थीं, जो कि बहुत देर से खड़े थे।
भाजपा का यह यह आरोप पूरी
तरह गलत है। कार्यक्रम में नए कानून के मुताबिक
पूरा वंदे मातरम् गाया गया और किसी ने रोका नहीं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सफाई पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस
मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ। जयराम रमेश पार्टी का कहना है कि वंदे मातरम् का गायन कार्यक्रम में
किया गया और इसे रोकने का कोई सवाल ही नहीं था। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर बनाए गए प्रोटोकॉल
और नए कानून के तहत जिस तरह गायन होना था, उसी के अनुसार कार्यक्रम आगे बढ़ा। सोशल मीडिया पर एजेंडे के तहत बीजेपी के तरफ से फैलाए गए वीडियो के
एक हिस्से को आधार बनाकर सोनिया गांधी या राहुल गांधी पर वंदे मातरम् रोकने का
आरोप लगाना सही नहीं है। सरकार ने वंदे मातरम् के गायन को लेकर
नया प्रोटोकॉल भी जारी किया है। गृह मंत्रयालय के दिशा-निर्देशों के
मुताबिक आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम्
के शुरुआती दो
छंदों की बजाय सभी छह छंदों वाला पूरा संस्करण (अवधि लगभग 3
मिनट 10
सेकंड) गाना
अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत कुछ औपचारिक सरकारी
कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान से पहले या बाद में निर्धारित
प्रोटोकॉल के अनुसार बजाने/गाने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।

