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- विकास की या गंदे और नंगे ट्वीट की राजनीति......
Posted by : achhiduniya
06 October 2015

देश मे
लोकसभा
चुनाव या
विधान
चुनाव आते
ही मानो
राजनैतिक
पार्टियो
के उपहारो
की बहारे
चालू हो
जाती है।
हर पार्टी
आम जनता को लोक
लुभावने प्रलोभन
देकर अपनी
पार्टी
के गुण
गिनाने
मे लगी
रहती है।वही
राजनैतिक
पार्टिया
एक दूसरे
की टांग
खींचने
से लेकर उनके
काले चिट्ठे
खोलने
के साथ
उनकी इज्जत
उतारने
तक से
गुरेज
नही करते। केन्द्रीय
पेयजल
एवं स्वच्छता
राज्यमंत्री
रामकृपाल
यादव ने
राजद सुप्रीमो
लालू प्रसाद
पर टिप्पणी
करते हुए कहा
कि हताशा
और निराशा
में लालू
प्रसाद
ने अपना
मानसिक
संतुलन
खो दिया
है।
रामकृपाल
ने कहा, मैं
तो पटना
का हूं
और यहां
मेरे बाप-दादा द्वारा
अर्जित
संपत्ति
है।उन्होंने
उलटे लालू
प्रसाद
पर आरोप
लगते हुए
कहा कि
लालू जी
तो पटना
में लोटा-थाली
लेकर आए
थे। आज
पटना सहित
देश के
अन्य भागों
में करोड़ों
की अकूत
चल-अचल
संपत्ति
अर्जित
की है।
उसका हिसाब
बिहार
की जनता
को दें।
इन्होंने
सिर्फ
अपना और
अपने परिवार
का विकास
किया है। अपने
ताजा ट्वीट
में राजद
अध्यक्ष
लालू प्रसाद
यादव ने
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी को
कलयुगी
धृतराष्ट्र
और अमित
शाह को
दुर्योधन
बताया
है।
लालू
प्रसाद
ने सोमवार
को एक
के बाद
एक तीन
ट्वीट
कर कहा
है कि
हस्तिनापुर
में बैठा
कलयुगी
धृतराष्ट्र
न सिर्फ
अंधा है
बल्किबहरा
और गूंगा
भी है।
लालू ने
लिखा है
कि ये
धृतराष्ट्र
अंदर से
डरपोक
है और
दिखावे
के लिए
चिल्लाता
है। राजद
अध्यक्ष
ने भाजपा
के विकास
के एजेंडे
को झूठा
बताते
हुए इसे
विनाश
का एजेंडा
बताया
है। लालू
के इस
ट्वीट
के जवाब
में सुशील
मोदी ने
भी ट्वीट
से जवाब
दिया।
सुशील
मोदी ने
लिखा है, ‘जंगलराज-1 में
पत्नी
और साले, फिर
जंगलराज-2 में
बेटी-बेटा
के मोह
में अंधे
होकर गोमांस
खाने का
समर्थन
करने वाले
लालू प्रसाद
दूसरे
को धृतराष्ट्र
बताने
से पहले
आईना क्यों
नहीं देखते
?
वे तो
आंख रहते
बिहार
का चारा
खा गए।


