- Back to Home »
- Knowledge / Science »
- सबसे पहला पेट्रोल पंप कहा.....?पेट्रोल पंप का आविष्कारक कौन......?
Posted by : achhiduniya
13 October 2015
आज जिस पेट्रोल की खपत पूरे संसार में है। एक तरह से यह वाहनों की जान या धड़कन भी है। वैसे 72 प्रतिशत पेट्रोल खाड़ी के मुल्कों से ही प्राप्त होता है। वहां पेट्रोल के कई विशाल और लंबे-लंबे कुएं हैं। वैसे रेगिस्तानी क्षेत्रों और बीच समुद्र से भी आधुनिक मशीनों द्वारा पेट्रोल निकाला जाता है। यूं तो हमें पेट्रोल पंप पर ही वाहनों के लिए डीजल, पेट्रोल मिलता है। आज के आधुनिक दौर में तो आधुनिकरण उपकरणों से युक्त पेट्रोल पंप मौजूद हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था।जब दुनिया में पेट्रोल पंप का आविष्कार नहीं हुआ था।
तब यह पंसारी की दुकानों पर मिला करता था। पेट्रोल पंप का आविष्कार एक पंसारी की दुकान लगाने वाले जैक गुम्फर के दोस्त साइनलेस बासर की मदद से हुआ।पहले पेट्रोल की जगह मिट्टी का तेल कार आदि वाहनों के लिए प्रयोग होता था। जैक गुम्फर भी यह कार्य करता था पर उसकी एक परेशानी थी।जब मिट्टी का तेल देने के बाद वह अन्य वस्तु ग्राहकों को देता तो उसमें तेल की गंध आने लगती थी। इस कारण उसे बार-बार हाथ धोने पड़ते थे। उसने अपनी समस्या ‘बासर’ से कही। उसने दूसरे दिन ही पिस्टन सिलिण्डर लगी एक टंकी गुम्फर को दिखायी।
इससे घुण्डी ऊपर-नीचे करने से नली के रास्ते मिट्टी का तेल निकलता था। ‘बासर’ पेट्रोल पंप से संबंधित तरह-तरह की खोज करता रहता था। इसी दौरान 17 जुलाई, 1885 ई.में उसने वाहनों में तेल भरने के साथ नापते जाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलते रहने वाली मशीन की खोज की। इस पर प्रथम प्रयोग कैलिफोर्निया की स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी ने किया। 8 दिसंबर, 1893 में संसार का पहला पेट्रोल पंप अमेरिका के सीटल शहर में स्थापित हुआ। लेकिन आस्ट्रेलिया में चलते-फिरते अनोखे पेट्रोल पंप थे।

घोड़ा गाड़ी में पेट्रोल की टंकी रखी रहती जिसमें चमड़े का पाइप था। जब कोई वाहन इनके पास पेट्रोल भराने आता तो चमड़े के पाइप को वाहन की टंकी में लगाकर पेट्रोल की टंकी में लगा नल चालू कर दिया जाता था।उस समय पेट्रोल नापने की तरकीब भी अलग थी। यदि ग्राहक अपने वाहन में एक लीटर पेट्रोल भरने को कहता तो कोचवान घोड़े के एक जोर से हंटर मारता। घोड़ा हिनहिनाने लगता और कोचवान एक ही सांस में 243 तक की गिनती बोलता, गिनती खत्म होते ही यह अनुमान लगा लिया जाता कि वाहन की टंकी में एक लिटर पेट्रोल जा चुका है।
सन 1910 में ‘केटो बेरी’ नामक वैज्ञानिक ने एक सुविधाजनक पेट्रोल पंप बनाया। यह वाहनों में डीजल-पेट्रोल भरने में सुविधाजनक था। फिर इस पेट्रोल पंप की देखादेखी अन्य स्थानों पर पेट्राल पंप बनने लगे जो ज्यादा सुविधाजनक थे। इसके बाद तो पेट्रोल पंपों में निरंतर सुधार होता ही चला गया और आज की दुनिया में तो आधुनिक पेट्रोल पंप मौजूद हैं। फेनम सोगानी [आभार]



