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- इन दोनों के कमरों की चाबी मुझे दे दो............
Posted by : achhiduniya
24 March 2016
@ आज दीदार, कल यार, परसों
प्यार फिर इकरार…….. फिर इंतजार, फिर
तकरार ………. फिर दरार और सारी मेहनत बेकार………….. आखिर में देवदास ऐट बियर
बार........
@ एक जापानी महिला अपनी सहेली के साथ सिंगापुर की सडकों से गुजर रही थी। तभी एक महिला ने अपने प्रेमी को खिडकी के बाहर धक्का दिया जो नीचे रखे कूडेदान में जा गिरा। यह देखकर जापानी महिला ने अपनी सहेली से कहा:- ये सिंगापुरी महिलाएं बहुत फिजूलखर्च होती हैं। वो कैसे? सहेली ने पूछा:- अब देखो न! यह आदमी अभी और चार-पांच साल इसके काम आ सकता था। @ तीन आदमियों ने भगवान से वरदान मांगा।
पहला:- मुझे सोने-चांदी से भरा एक कमरा दे दो.......
दूसरा:- मुझे हीरे -पन्ने से भरा एक कमरा दे दो........
तीसरा:- इन दोनों के कमरों की चाबी मुझे दे दो............
@ ग्यारह लोग एक हेलीकॉप्टर से रस्सी से लटक रहे थे। दस आदमी और एक औरत । रस्सी कमजोर थी और एक साथ इतने लोगों को लटका कर ले जाने में टूटने का खतरा था। कम से कम किसी एक आदमी को रस्सी छोडनी ही थी अन्यथा सारे लोगों की जान खतरे में आ सकती थी। पर बलिदान कौन करे........... ? महिला ने भावुक होकर कहा कि वह स्वेच्छा से रस्सी छोड रही है, क्योंकि त्याग करना स्त्री का स्वभाव है। जैसे ही महिला ने त्याग पर अपना भाषण खत्म किया, सभी पुरुष एक साथ ताली बजाने लगे।
@ अजीब है नखरे तेरे..... अजीब है तेरा स्टाइल...... नाक पोछने की तमीज नहीं....
और हाथ में है एंड्राइड मोबाइल.......
@ एक जापानी महिला अपनी सहेली के साथ सिंगापुर की सडकों से गुजर रही थी। तभी एक महिला ने अपने प्रेमी को खिडकी के बाहर धक्का दिया जो नीचे रखे कूडेदान में जा गिरा। यह देखकर जापानी महिला ने अपनी सहेली से कहा:- ये सिंगापुरी महिलाएं बहुत फिजूलखर्च होती हैं। वो कैसे? सहेली ने पूछा:- अब देखो न! यह आदमी अभी और चार-पांच साल इसके काम आ सकता था। @ तीन आदमियों ने भगवान से वरदान मांगा।
पहला:- मुझे सोने-चांदी से भरा एक कमरा दे दो.......
दूसरा:- मुझे हीरे -पन्ने से भरा एक कमरा दे दो........
तीसरा:- इन दोनों के कमरों की चाबी मुझे दे दो............

@ ग्यारह लोग एक हेलीकॉप्टर से रस्सी से लटक रहे थे। दस आदमी और एक औरत । रस्सी कमजोर थी और एक साथ इतने लोगों को लटका कर ले जाने में टूटने का खतरा था। कम से कम किसी एक आदमी को रस्सी छोडनी ही थी अन्यथा सारे लोगों की जान खतरे में आ सकती थी। पर बलिदान कौन करे........... ? महिला ने भावुक होकर कहा कि वह स्वेच्छा से रस्सी छोड रही है, क्योंकि त्याग करना स्त्री का स्वभाव है। जैसे ही महिला ने त्याग पर अपना भाषण खत्म किया, सभी पुरुष एक साथ ताली बजाने लगे।
@ अजीब है नखरे तेरे..... अजीब है तेरा स्टाइल...... नाक पोछने की तमीज नहीं....
और हाथ में है एंड्राइड मोबाइल.......

