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- नीट.. मोबाइल ऐप चेहरे को पहचान कर पेमेंट....
Posted by : achhiduniya
14 April 2016
अब तक
आपने सुना है पासवर्ड व चेहरा देख कर ए टी एम पैसे का भुगतान करता है, लेकिन क्या....?आपने सुना है मोबाइल के जरिए यानी
सेल्फी के आधार पर आपको पैसे का भुगतान होगा। हांगकांग में एक ऐसा मोबाइल ऐप तैयार
किया गया है, जो यूजर्स के चेहरे को पहचान कर मोबाइल पेमेंट
करता है। इस ऐप का नाम रखा गया है 'नीट'।एक खबर के अनुसार हांगकांग के स्टार्टअप नीट ने मोबाइल पेमेंट के लिए
चेहरे को पहचानने वाला ऐप लांच किया। 'नीट' के संस्थापक डेविड रोजा का कहना है कि यह मोबाइल बैंक अकाउंट की तरह है।
अकाउंट खोलते वक्त आपकी जो फोटो सेव होगी, भुगतान के वक्त
सेल्फी से उसका मिलान किया जाएगा। सेल्फी से आपके फोटो के मिलान के बाद पैसा
मिलेगा। रोजा की यह टेक्नोलॉजी बेहद सस्ती है। बैंकों के पारंपरिक तरीके की तुलना
में करीब 16वें हिस्से तक सस्ता। 'नीट'
ने खासतौर से छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स को ध्यान में रख यह ऐप
बनाया है। उन्होंने बताया कि इस ऐप में रोजा ने पेमेंट
स्टार्टअप 'टोफू-पे' की टेक्नोलॉजी का
इस्तेमाल किया है।
ऑनलाइन पेमेंट में धोखाधड़ी का खतरा रहता है। नई टेक्नोलॉजी से इस पर अंकुश लगेगा। डिजिटल वॉलेट धोखाधड़ी में 95 प्रतिशत मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट और टिकट खरीदने से जुड़े होते हैं। रिसर्च फर्म ट्रेंड फोर्स के मुताबिक पिछले साल दुनिया में 450 अरब डॉलर, यानी 30 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा का पेमेंट मोबाइल के जरिए हुआ। इस साल इसके 620 अरब डॉलर (41.5 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं भारत में पेटीएम फेसियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। 'नीट' ऐपल-पे और एंड्रॉयड-पे जैसे पेमेंट ऑप्शन के साथ आसानी से काम करता है। हालांकि आम लोगों को 'नीट' के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। रोजा ने बताया कि अल्फा यूजर्स, यानी टेस्ट टीम में परीक्षण पूरा हो गया है। दो-तीन महीने में इसे टेस्ट के लिए बीटा यूजर्स को दिया जाएगा।
ऑनलाइन पेमेंट में धोखाधड़ी का खतरा रहता है। नई टेक्नोलॉजी से इस पर अंकुश लगेगा। डिजिटल वॉलेट धोखाधड़ी में 95 प्रतिशत मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट और टिकट खरीदने से जुड़े होते हैं। रिसर्च फर्म ट्रेंड फोर्स के मुताबिक पिछले साल दुनिया में 450 अरब डॉलर, यानी 30 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा का पेमेंट मोबाइल के जरिए हुआ। इस साल इसके 620 अरब डॉलर (41.5 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं भारत में पेटीएम फेसियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। 'नीट' ऐपल-पे और एंड्रॉयड-पे जैसे पेमेंट ऑप्शन के साथ आसानी से काम करता है। हालांकि आम लोगों को 'नीट' के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। रोजा ने बताया कि अल्फा यूजर्स, यानी टेस्ट टीम में परीक्षण पूरा हो गया है। दो-तीन महीने में इसे टेस्ट के लिए बीटा यूजर्स को दिया जाएगा।

