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- कैसे करे अच्छे प्रेजेंटेशन स्किल्स को विकसित....?
Posted by : achhiduniya
05 December 2017
हमारे पास किसी विषय का ज्ञान है, उस विषय में अच्छे आइडिया हैं, लेकिन हमारे पास उसे प्रस्तुत करने का कौशल नहीं है, तो हमारा विचार अन्य व्यक्तियें के किसी काम के नहीं हैं। अच्छे
प्रेजेंटेशन स्किल्स को विकसित करने के लिये हमें प्रेजेंटेशन देना, जानकारी हासिल करना, अनुभव प्राप्त करना, और अपने सोच की सीमा को बढ़ाने आदि सभी का अनुभव होना जरुरी है। दूसरों के
सामने अपने आप को प्रस्तुत करना ही प्रेजेंटेशन है, लेकिन
हमारे व्यवसायिक काम में इसका महत्व और प्रभाव ज्यादा रहता है। एक अच्छा
प्रेजेंटेशन भी हमें आगे बढ़ा सकता है।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमारे आत्मविश्वास, विचार, ज्ञान का स्तर आदि का पता लगता है। प्रेजेंटेशन को सफल बनाने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि प्रेजेंटेशन देने का उद्देश्य क्या है इस विषय पर बात करें। प्रेजेंटेशन को विषय के अनुसार रचनात्मक और मनोरंजक बनाये जिससे रुचि बनी रहती है। प्रेजेंटेशन की सफलता श्रोता की रुचि पर ही निर्भर करती है ना कि हम पर। हमें जितना अनुभव होगा उतना ही हमारे ज्ञान में बढ़ोतरी होगी। प्रेजेंटेशन को सफल बनाने के लिये विषय को अच्छे से पढ़ें, जानें और शोध करें। इसके बाद प्रेजेंटेशन बनाएं, लेकिन याद रहे आपने जितना पढ़ा है और समझा है, आपको सारा ज्ञान उसमें शामिल करना है। प्रेजेंटेशन छोटा और सरल भाषा में हो।
प्रेजेंटेशन में भाषा का चुनाव सुनने वाले के अनुसार करें। कठिन भाषा को समझने में परेशानी होती है, वहीं सरल भाषा बोलने ओर सुनने वाले दोनों के बीच एक संबंध स्थापित करती है और प्रेजेंटेशन में रुचि बनायें रखती है। प्रेजेंटेशन की सफलता का पता इस बात से नहीं लगाया जाता कि बोलने वाले ने सुनने वाले को क्या ज्ञान दिया है, बल्कि इस बात से लगाया जाता है कि सुनने वाले ने क्या समझा है। ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर विलियम रुस्तम का कहना है कि प्रेजेंटेशन का मुख्य उद्देश्य प्रभावित करना है न कि ज्ञान देना। प्रेजेंटेशन में जरूरत के अनुसार चित्रों का प्रयोग करें। प्रेजेंटेशन बनाने के बाद अभ्यास जरुर करें।
प्रेजेंटेशन का अभ्यास करते समय विराम का प्रयोग, शब्दों के उच्चारण, शब्दों के भाव, बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान दें। प्रेजेंटेशन में अपनी सुविधा और सुनने वाले की रुचि को बनायें रखने के अनुसार सवाल करें और उनके जवाब भी तैयार करें। प्रेजेंटेशन देने से पहले अपने मित्रों के सामने बोलने की तैयारी करें। प्रेजेंटेशन के दौरान हमेशा अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान बनाएं रखें।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमारे आत्मविश्वास, विचार, ज्ञान का स्तर आदि का पता लगता है। प्रेजेंटेशन को सफल बनाने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि प्रेजेंटेशन देने का उद्देश्य क्या है इस विषय पर बात करें। प्रेजेंटेशन को विषय के अनुसार रचनात्मक और मनोरंजक बनाये जिससे रुचि बनी रहती है। प्रेजेंटेशन की सफलता श्रोता की रुचि पर ही निर्भर करती है ना कि हम पर। हमें जितना अनुभव होगा उतना ही हमारे ज्ञान में बढ़ोतरी होगी। प्रेजेंटेशन को सफल बनाने के लिये विषय को अच्छे से पढ़ें, जानें और शोध करें। इसके बाद प्रेजेंटेशन बनाएं, लेकिन याद रहे आपने जितना पढ़ा है और समझा है, आपको सारा ज्ञान उसमें शामिल करना है। प्रेजेंटेशन छोटा और सरल भाषा में हो।
प्रेजेंटेशन में भाषा का चुनाव सुनने वाले के अनुसार करें। कठिन भाषा को समझने में परेशानी होती है, वहीं सरल भाषा बोलने ओर सुनने वाले दोनों के बीच एक संबंध स्थापित करती है और प्रेजेंटेशन में रुचि बनायें रखती है। प्रेजेंटेशन की सफलता का पता इस बात से नहीं लगाया जाता कि बोलने वाले ने सुनने वाले को क्या ज्ञान दिया है, बल्कि इस बात से लगाया जाता है कि सुनने वाले ने क्या समझा है। ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर विलियम रुस्तम का कहना है कि प्रेजेंटेशन का मुख्य उद्देश्य प्रभावित करना है न कि ज्ञान देना। प्रेजेंटेशन में जरूरत के अनुसार चित्रों का प्रयोग करें। प्रेजेंटेशन बनाने के बाद अभ्यास जरुर करें।
प्रेजेंटेशन का अभ्यास करते समय विराम का प्रयोग, शब्दों के उच्चारण, शब्दों के भाव, बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान दें। प्रेजेंटेशन में अपनी सुविधा और सुनने वाले की रुचि को बनायें रखने के अनुसार सवाल करें और उनके जवाब भी तैयार करें। प्रेजेंटेशन देने से पहले अपने मित्रों के सामने बोलने की तैयारी करें। प्रेजेंटेशन के दौरान हमेशा अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान बनाएं रखें।



