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- दफ्तर मे अपनी निजी बाते सांझा करने से बचे.....
Posted by : achhiduniya
15 December 2017
एक आम इंसान अपनी जिंदगी का
करीब एक-तिहाई हिस्सा दफ्तर में बिताता है। जाहिर है ऐसे में ऑफिस में साथ काम करने
वालों से एक रिश्ता बन ही जाता है। कुछ ऑफिस के साथी अच्छे दोस्त बन जाते हैं तो कुछ
से प्रतिस्पर्धा भी होती है। बेमतलब की बहस, अपनी अच्छी छवि बनाने और प्रोफेशनल रिश्ता कायम रखने के लिए यह
जानना जरूरी है कि अपने साथियों के साथ कैसे और कौन सी बात की जाए। कुछ ऐसी बातें जो
ऑफिस के साथियों के साथ शेयर न करना ही बेहतर है। अक्सर ऑफिस में दो लोगों के बीच बातचीत
का सबसे पसंदीदा विषय कोई तीसरा साथी होता है।
याद रखिए अगर कोई सहकर्मी आपसे किसी और के बारे में बात कर रहा है या शिकायत कर रहा है तो संभव है कि वह आपके बारे में भी ऐसा करता होगा। किसी के भी सामने अपने सहकर्मी के बारे में कोई नेगेटिव राय जताने से बचें क्योंकि यह बाद में आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है,अगर ऑफिस में किसी के काम या व्यवहार से आपको समस्या है तो इस बात को किसी अन्य साथी के बजाय बॉस के सामने रखना बेहतर होगा। भले ही हर कंपनी अपने कर्मचारियों को एक-दूसरे को सैलरी बताने से मना करती है,लेकिन अक्सर लोगों को यह बात पता चल ही जाती है। फिर भी खुलकर अपनी सैलरी या कमाई पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है।
साथ ही अपने इस हफ्ते कितनी शॉपिंग की या छुट्टियां कितने महंगे होटल में बिताई जैसी डीटेल्स ऑफिस में बताने की जरूरत नहीं है। कल तो मैंने इतनी पी ली थी- अक्सर लोग दफ्तर में ऐसी कहानियां सुनाते मिल जाते हैं। लोग भले ही आपकी पिछली रात या वीकेंड की मस्ती और आज के हैंगओवर की कहानी सुनकर मजे लेते हों लेकिन इससे आपकी छवि बिगड़ती ही है। इससे आपके साथियों के बीच आप पर भरोसा कम होता है और आपकी प्रोफेशनल छवि कमजोर होती है। ऑफिस में कोई पसंद है तो इसे खुद तक ही रखें। साथियों के साथ अपनी क्रश पर चर्चा करना कॉलेज के जमाने में कूल था लेकिन ऑफिस में नहीं। यह सिर्फ आपकी ही नहीं बल्कि उस व्यक्ति की प्रोफेशनल छवि भी खराब करता है। आपकी बात गॉसिप का विषय बन सकती है। ऑफिस में कोई पसंद हो तो हिम्मत कर सीधे उससे बात करें।
याद रखिए अगर कोई सहकर्मी आपसे किसी और के बारे में बात कर रहा है या शिकायत कर रहा है तो संभव है कि वह आपके बारे में भी ऐसा करता होगा। किसी के भी सामने अपने सहकर्मी के बारे में कोई नेगेटिव राय जताने से बचें क्योंकि यह बाद में आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है,अगर ऑफिस में किसी के काम या व्यवहार से आपको समस्या है तो इस बात को किसी अन्य साथी के बजाय बॉस के सामने रखना बेहतर होगा। भले ही हर कंपनी अपने कर्मचारियों को एक-दूसरे को सैलरी बताने से मना करती है,लेकिन अक्सर लोगों को यह बात पता चल ही जाती है। फिर भी खुलकर अपनी सैलरी या कमाई पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है।
साथ ही अपने इस हफ्ते कितनी शॉपिंग की या छुट्टियां कितने महंगे होटल में बिताई जैसी डीटेल्स ऑफिस में बताने की जरूरत नहीं है। कल तो मैंने इतनी पी ली थी- अक्सर लोग दफ्तर में ऐसी कहानियां सुनाते मिल जाते हैं। लोग भले ही आपकी पिछली रात या वीकेंड की मस्ती और आज के हैंगओवर की कहानी सुनकर मजे लेते हों लेकिन इससे आपकी छवि बिगड़ती ही है। इससे आपके साथियों के बीच आप पर भरोसा कम होता है और आपकी प्रोफेशनल छवि कमजोर होती है। ऑफिस में कोई पसंद है तो इसे खुद तक ही रखें। साथियों के साथ अपनी क्रश पर चर्चा करना कॉलेज के जमाने में कूल था लेकिन ऑफिस में नहीं। यह सिर्फ आपकी ही नहीं बल्कि उस व्यक्ति की प्रोफेशनल छवि भी खराब करता है। आपकी बात गॉसिप का विषय बन सकती है। ऑफिस में कोई पसंद हो तो हिम्मत कर सीधे उससे बात करें।


