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- मन की बात मे महापुरुषों को याद कर...मुस्लिम महिलाओ को बिना महरम हज जाने की कही बात...पीएम मोदी ने
Posted by : achhiduniya
31 December 2017
पीएम मोदी ने देशवासियों से संबोधन में ईसा मसीह के
द्वारा दिखाए गए सेवा भाव के मार्ग पर चलने की बात कही। पीएम ने कहा, 25 दिसम्बर को विश्वभर में क्रिसमस का त्यौहार
धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हम सब ईसा मसीह की महान शिक्षाओं को याद करते हैं।
ईसा मसीह ने सबसे ज़्यादा जिस बात पर बल दिया था। सेवा-भाव सेवा की भावना का सार
हम बाइबल में भी देखते है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में निष्काम कर्म की
बात होती है, यानी ऐसी सेवा जिसमें कोई अपेक्षा न हो. कहा गया है।
सेवा परमो धर्म जीव-सेवा ही शिव-सेवा और गुरुदेव रामकृष्ण परमहंस तो कहते थे। शिव-भाव से जीव-सेवा करें। पूरे विश्व में ये सारे समान मानवीय मूल्य हैं। आइए हम महापुरुषों का स्मरण करते हुए, पवित्र दिवसों की याद करते हुए, अपनी इस महान मूल्य परम्परा को, नयी चेतना दें, नयी ऊर्जा दें और ख़ुद भी उसे जीने का प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा कि यह वर्ष गुरुगोविन्द सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व का भी वर्ष था। गुरुगोविन्द सिंह जी का साहस और त्याग से भरा असाधारण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गुरुगोविन्द सिंह जी ने महान जीवन मूल्यों का उपदेश दिया और उन्हीं मूल्यों के आधार पर उन्होंने अपना जीवन जिया भी एक गुरु, कवि, दार्शनिक, महान योद्धा, गुरुगोविन्द सिंह जी ने इन सभी भूमिकाओं में उन्होंने लोगों को प्रेरित करने का काम किया। उन्होंने उत्पीड़न और अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। लोगों को जाति और धर्म के बंधनों को तोड़ने की शिक्षा दी। जीवन के हर-पल में प्रेम, त्याग और शांति का सन्देश। कितनी महान विशेषताओं से भरा हुआ उनका व्यक्तित्व था।
ये मेरे लिए सौभाग्य की बात रही कि मैं इस वर्ष की शुरुआत में गुरुगोविन्द सिंह जी 350वीं जयन्ती के अवसर पर पटना साहिब में आयोजित प्रकाशोत्सव में शामिल हुआ। पीएम मोदी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए कहा हमारी Ministry of Minority Affairs ने आवश्यक कदम उठाते हुए मुस्लिम महिलाओं को हज पर बिना महरम के जाने पर लगी पाबन्दी को हटाया और सत्तर साल से चली आ रही परंपरा को ख़त्म किया। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी जानकारी में यह बात आई कि यदि कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा के लिए जाना चाहती है तो वहा महरम यानि Male Gardian के बिना नहीं जा सकती है। ये भेदभाव क्यों? आजादी के 70 साल भी यह रोक लगाने वाले हम ही लोग थे। दशकों से मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा था,लेकिन कोई चर्चा नहीं थी।
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मुस्लिम महिलाओं के बिना महरम के हज पर जाने की रोक को हटाया और 70 साल से चली आ रही परंपरा को नष्ट किया। इस बार 1300 महिलाओं ने बिना महरम के हज पर जाने के लिए एप्लाई किया है, इसकी मुझे खुशी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए साल के आखिरी मन की बात का समापन किया। उन्होंने कहा, आने वाला नव- वर्ष आप सभी के लिए ढ़ेरों खुशियां, सुख और समृद्धि ले करके आए। हम सब नए जोश, नए उत्साह, नए उमंग और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ें, देश को भी आगे बढाएं। सभी देशवासियो को मकर-संक्रांति, लोहड़ी, खिचड़ी, तिल-संक्रांति, संक्रांत, माघ-बिहू और पोंगल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
सेवा परमो धर्म जीव-सेवा ही शिव-सेवा और गुरुदेव रामकृष्ण परमहंस तो कहते थे। शिव-भाव से जीव-सेवा करें। पूरे विश्व में ये सारे समान मानवीय मूल्य हैं। आइए हम महापुरुषों का स्मरण करते हुए, पवित्र दिवसों की याद करते हुए, अपनी इस महान मूल्य परम्परा को, नयी चेतना दें, नयी ऊर्जा दें और ख़ुद भी उसे जीने का प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा कि यह वर्ष गुरुगोविन्द सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व का भी वर्ष था। गुरुगोविन्द सिंह जी का साहस और त्याग से भरा असाधारण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गुरुगोविन्द सिंह जी ने महान जीवन मूल्यों का उपदेश दिया और उन्हीं मूल्यों के आधार पर उन्होंने अपना जीवन जिया भी एक गुरु, कवि, दार्शनिक, महान योद्धा, गुरुगोविन्द सिंह जी ने इन सभी भूमिकाओं में उन्होंने लोगों को प्रेरित करने का काम किया। उन्होंने उत्पीड़न और अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। लोगों को जाति और धर्म के बंधनों को तोड़ने की शिक्षा दी। जीवन के हर-पल में प्रेम, त्याग और शांति का सन्देश। कितनी महान विशेषताओं से भरा हुआ उनका व्यक्तित्व था।
ये मेरे लिए सौभाग्य की बात रही कि मैं इस वर्ष की शुरुआत में गुरुगोविन्द सिंह जी 350वीं जयन्ती के अवसर पर पटना साहिब में आयोजित प्रकाशोत्सव में शामिल हुआ। पीएम मोदी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए कहा हमारी Ministry of Minority Affairs ने आवश्यक कदम उठाते हुए मुस्लिम महिलाओं को हज पर बिना महरम के जाने पर लगी पाबन्दी को हटाया और सत्तर साल से चली आ रही परंपरा को ख़त्म किया। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी जानकारी में यह बात आई कि यदि कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा के लिए जाना चाहती है तो वहा महरम यानि Male Gardian के बिना नहीं जा सकती है। ये भेदभाव क्यों? आजादी के 70 साल भी यह रोक लगाने वाले हम ही लोग थे। दशकों से मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा था,लेकिन कोई चर्चा नहीं थी।
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मुस्लिम महिलाओं के बिना महरम के हज पर जाने की रोक को हटाया और 70 साल से चली आ रही परंपरा को नष्ट किया। इस बार 1300 महिलाओं ने बिना महरम के हज पर जाने के लिए एप्लाई किया है, इसकी मुझे खुशी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए साल के आखिरी मन की बात का समापन किया। उन्होंने कहा, आने वाला नव- वर्ष आप सभी के लिए ढ़ेरों खुशियां, सुख और समृद्धि ले करके आए। हम सब नए जोश, नए उत्साह, नए उमंग और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ें, देश को भी आगे बढाएं। सभी देशवासियो को मकर-संक्रांति, लोहड़ी, खिचड़ी, तिल-संक्रांति, संक्रांत, माघ-बिहू और पोंगल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।




