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- वजन प्रबंधन थेरेपी से करे वजन नियंत्रित.....
Posted by : achhiduniya
28 January 2018
स्वस्थ जीवनशैली के लिए वजन प्रबंधन लंबे समय तक चलने
वाली प्रक्रिया है, जिसमें पौष्टिक
खान-पान और शारीरिक व्यायाम का संतुलन बनाकर चला जाता है। इस प्रक्रिया के लिए यह
जानना जरूरी है कि आपके शरीर को वास्तव में किस चीज की जरूरत है? फिजियोथेरेपिस्ट्स का मानना है कि हाइड्रोथेरेपी के तरीकों से केवल आठ
हफ्ते में वजन कम करने में मदद मिल सकती है। उनकी सलाह ये भी रहती है कि जब यह
प्रक्रिया पूरी हो जाए, उसके बाद भी सुरक्षित व पौष्टिक
खान-पान ही जारी रखना होगा। इस थेरेपी के जरिए रक्त संचरण का स्तर भी बेहतर कर
सकते हैं।
हेल्थकेयर एट होम' के प्रमुख फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गगन कपूर के अनुसार वजन प्रबंधन अधिक खान-पान और कम खान-पान दोनों को नियंत्रित कर सकता है। जहां तक फिजियोथेरेपी का सवाल है, यह स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की स्थितियों, संचलन से जुड़ी अनियमितताओं का आकलन करता है और उनकी पहचान, इलाज तथा रोकथाम करता है। अब फिजियोथेरेपी वजन प्रबंधन भी करता है। नियमित रूप से फिजियोथेरेपी के जरिए वजन कम होने को रोका जा सकता है। वजन से जुड़ी शारीरिक व मनोवैज्ञानिक जटिलताओं से निपटने में ये काफी कारगर साबित होते हैं और वजन प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं।
वजन कम करने के लिए जहां एक ओर कार्डियोवस्कुलर जैसे व्यायाम, टहलना और साइकिल चलाना बहुत अच्छा होता है, खान-पान का भी उतना ही महत्व है. प्रोटीन, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज, फल और हरी पत्तीदार सब्जियां फिजियोथेरेपी के दौरान लेते रहना जरूरी है।
हेल्थकेयर एट होम' के प्रमुख फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गगन कपूर के अनुसार वजन प्रबंधन अधिक खान-पान और कम खान-पान दोनों को नियंत्रित कर सकता है। जहां तक फिजियोथेरेपी का सवाल है, यह स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की स्थितियों, संचलन से जुड़ी अनियमितताओं का आकलन करता है और उनकी पहचान, इलाज तथा रोकथाम करता है। अब फिजियोथेरेपी वजन प्रबंधन भी करता है। नियमित रूप से फिजियोथेरेपी के जरिए वजन कम होने को रोका जा सकता है। वजन से जुड़ी शारीरिक व मनोवैज्ञानिक जटिलताओं से निपटने में ये काफी कारगर साबित होते हैं और वजन प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं।
वजन कम करने के लिए जहां एक ओर कार्डियोवस्कुलर जैसे व्यायाम, टहलना और साइकिल चलाना बहुत अच्छा होता है, खान-पान का भी उतना ही महत्व है. प्रोटीन, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज, फल और हरी पत्तीदार सब्जियां फिजियोथेरेपी के दौरान लेते रहना जरूरी है।


