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- पद्म-पुरस्कार देने की प्रक्रिया आनलाइन हो जाने से पारदर्शिता आ गई.....पीएम मोदी
Posted by : achhiduniya
28 January 2018
पीएम मोदी ने कहा कि हर वर्ष पद्म-पुरस्कार देने की
परम्परा रही है,लेकिन पिछले तीन
सालों में इसकी पूरी प्रक्रिया बदल गई है। अब कोई भी नागरिक किसी को भी मनोनित कर
सकता है। पूरी प्रक्रिया आनलाइन हो जाने से पारदर्शिता आ गई है। एक तरह से इन
पुरस्कारों की चयन-प्रक्रिया को पूरा बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आपका भी इस बात
पर ध्यान गया होगा कि बहुत सामान्य लोगों को पद्म-पुरस्कार मिल रहे हैं। ऐसे लोगों
को पद्म-पुरस्कार दिए गए हैं जो आमतौर पर बड़े-बड़े शहरों में, अख़बारों में, टी.वी. में, समारोह
में नज़र नहीं आते हैं। आकाशवाणी पर प्रसारित "मन की बात" कार्यक्रम में
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों पद्म-पुरस्कारों के संबंध में
काफी चर्चा आप भी सुनते होंगे। लेकिन थोड़ा
अगर बारीकी से देखेंगे तो आपको गर्व होगा। गर्व इस बात का कि कैसे-कैसे महान लोग
हमारे बीच में हैं और कैसे आज हमारे देश में सामान्य व्यक्ति बिना किसी सिफ़ारिश के
उन ऊँचाइयों तक पहुँच रहे हैं। पीएम ने कहा, अब पुरस्कार
देने के लिए व्यक्ति की पहचान नहीं, उसके काम का महत्व बढ़
रहा है। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में कचरे से खिलौना बनाने में योगदान देने वाले
आईआईटी कानपुर के छात्र रहे अरविन्द गुप्ता और कर्नाटक की सितावा जोद्दती का जिक्र
किया। मोदी ने कहा कि सितावा जोद्दती ने अनगिनत महिलाओं का जीवन बदलने में महान
योगदान दिया है। इन्होंने सात साल की आयु में ही स्वयं को देवदासी के रूप में
समर्पित कर दिया था।
