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- निजी उद्यमिता के जरिये लोकतंत्र को मजबूती......राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
Posted by : achhiduniya
15 January 2018
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
ने रामभाऊ म्हाल्गी प्रबोधिनी की ओर से आयोजित आर्थिक लोकतंत्र सम्मेलन के उद्घाटन
के मौके पर कहा, वंचितों की आर्थिक दशा में सुधार की जरूरत है। सबका साथ,
सबका विकास और सबका सम्मान, सबका उत्थान के
तहत कई पहल की गई हैं जिनका मकसद उद्यमिता के जरिये लोकतंत्र को मजबूत करना है। उन्होंने
कहा, ऐसे कार्यक्रमों का एकमात्र लक्ष्य है कि आर्थिक व
सामाजिक लोकतंत्र में मजबूती आए। विचार यह है कि अगर कोई वास्तव में किसी की मदद
करना चाहता है तो उसे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि
सरकार की जनधन स्कीम से देश के तीन करोड़ लोगों का बैंकों में खाता खुलवाना संभव
हुआ, जिनमें 52 फीसदी महिलाएं हैं।
साथ मिलकर हमें एक ऐसी संस्कृति विकसित करनी चाहिए जिसमें स्वरोजगार का चयन महज इसलिए न किया जाए कि कहीं नौकरी नहीं मिली। रोजगार की तलाश करने वाला बनने के बदले रोजगार देने वाला बनने का विचार पैदा होना चाहिए। कोविंद ने कहा कि उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना सिर्फ सरकार जिम्मेदारी नहीं हो सकती है। शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र के बैंकों और एनजीओ, सबको ऐसा माहौल बनाने में मदद करनी चाहिए जिसमें निजी उद्यम को प्रोत्साहन मिल सके।
साथ मिलकर हमें एक ऐसी संस्कृति विकसित करनी चाहिए जिसमें स्वरोजगार का चयन महज इसलिए न किया जाए कि कहीं नौकरी नहीं मिली। रोजगार की तलाश करने वाला बनने के बदले रोजगार देने वाला बनने का विचार पैदा होना चाहिए। कोविंद ने कहा कि उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना सिर्फ सरकार जिम्मेदारी नहीं हो सकती है। शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र के बैंकों और एनजीओ, सबको ऐसा माहौल बनाने में मदद करनी चाहिए जिसमें निजी उद्यम को प्रोत्साहन मिल सके।

