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- दुष्कर्म करने वाले अपराधियों की खैर नही....
Posted by : achhiduniya
13 August 2018
देश मे बड़ते दुष्कर्म के मामलों को देखते हुए लोकसभा ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक-2018 पारित कर दिया। यह विधेयक 21 अप्रैल को जारी आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश का स्थान लेगा। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक के दूरगामी परिणाम होंगे और इससे अपराधियों में भय पैदा होगा। यह ऐतिहासिक अवसर है कि लोकसभा ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक 2018 पास कर दिया है और कई कड़े कदम उठाये जा रहे हैं। भारतीय दंड संहिता, दण्ड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम मे भी धाराएं शामिल की गई हैं, जिनके दूरगामी परिणाम होंगे। हमें इस तरह के और कानून तथा प्रावधान बनाने होंगे, जिनसे देश में महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।
विधेयक में दुष्कर्म के अपराधियों को कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। बारह साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ दुष्कर्म पर 20 वर्ष की जेल का प्रावधान है जिसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं 12 साल से कम उम्र की बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास या मृत्यु दंड की सजा हो सकती है। दुष्कर्म के सभी मामलों की जांच अनिवार्य रूप से दो महीने में और ऐसे सभी मुकदमों की सुनवाई भी दो महीने में पूरी करनी होगी। अपीलों के निपटारे के लिए छह महीने की सीमा तय की गई है। 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी।

