- Back to Home »
- Agriculture / Nature »
- गंगाजल सिर्फ सिर पर छिड़कने लायक....गंगा के पानी से आचमन करना भी मुश्किल......वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी
गंगाजल सिर्फ सिर पर छिड़कने लायक....गंगा के पानी से आचमन करना भी मुश्किल......वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी
Posted by : achhiduniya
14 August 2018
केंद्रीय जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने 20 घाटों का उद्घाटन किया। इस दौरान कानपुर के चन्द्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत क्षेत्रीय बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद थे। नितिन गडकरी ने गंगा प्रोजेक्ट में देरी पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि यहां अधिकारी टेंडर-टेंडर खेलते रहते हैं, जिसके चलते गंगा प्रोजेक्ट में देरी हो रही है। इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गडकरी ने यहां तक कह दिया कि उत्तराखंड में एक साथ 40 से ज्यादा प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जबकि यूपी में दो प्रोजेक्ट शुरू करने में ही देरी हो रही है। गडकरी ने हर मुमकिन मदद का आश्वासन देते हुए सरकार से कहा कि आप डीपीआर (डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कीजिए, तुरंत पैसा जारी कर दिया जाएगा।
गडकरी ने साफ कहा कि भाषण बाजी से गंगा साफ नहीं होने वाली है, इसके लिए टू द प्वाइंट काम करना पड़ेगा। कार्यक्रम में मौजूद कानपुर से बीजेपी सांसद और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी गंगा में गंदगी को लेकर अपनी व्यथा प्रकट की। उन्होंने कहा, पवित्र कुंभ आने वाला है, लेकिन गंगा की हालत काफी खराब है। मैं अभी इलाहाबाद गया था, वहां संतों से पता चला कि गंगाजल इस समय सिर्फ सिर पर छिड़कने लायक बचा है, इससे आचमन भी नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ सांसद ने ये बताते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति के लिए अच्छा नहीं है। कानपुर में चन्द्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में नितिन गडकरी ने ये भी कहा कि उनका मंत्रालय गंगा और उसकी सहायक नदियों को साफ करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस काम के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 दिसंबर से गंगा में कोई भी गंदा नाला नहीं जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता आज भी हम सब के लिए एक चुनौती है। अगर गंगा जी की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखना है तो हमें गंगा जी की मूल धारा को यथावत बनाए रखते हुए उस पर कार्य करना होगा।


