- Back to Home »
- State News »
- पाठ्यक्रम के रूप मे सदा जीवित रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी....मध्य प्रदेश सरकार
Posted by : achhiduniya
19 August 2018
मध्य प्रदेश सरकार ने
दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाजपेयी की जीवनी अगले
शिक्षा सत्र से प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने का भी ऐलान किया। अब मध्य प्रदेश के स्कूलों में छात्र जल्द ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी पढ़ सकेंगे। प्रदेश के शिक्षा विभाग ने 2015-16
में पूरे पाठ्यक्रम में बदलाव किया था। इस बदलाव के बाद कई नैशनल
हीरो की जीवनी इसमें शामिल की गई थी। इतना ही नहीं पाठ्यक्रम में वीर सावरकर, आरएसएस के विचारक पं. दीन दयाल उपाध्यय को भी शामिल किया गया था। इसी
दौरान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के बारे में तीन पैराग्राफ कक्षा 11वीं की टेक्स्टबुक में शामिल किया था।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अटल जी की जीवनी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। छात्रों के अंदर राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए नैशनल हीरो की कहानियां या कार्य किताब में शामिल करने की जो नीति है इस जीवनी उसी के अंतर्गत शामिल की जाएगी। मंत्री ने कहा, आधुनिक भारत में अटल जी के सामान्तर कोई भी राजनेता नहीं है। उनके जीवन का चित्रण युवाओं के जीवन को प्रेरित करने में मदद करेगा। उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करना उनके लिए विभाग की श्रद्धाजंलि होगी। मंत्री ने बताया कि अभी सिर्फ अटल जी की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया गया है।
यह किस कक्षा में और किस चैप्टर में शामिल की जाएगी इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लिया गया है कि अटल जी के बचपन, इमरजेंसी, न्यूक्लियर टेस्ट, कारगिल वॉर और ग्लोबल इम्पैक्ट को इस पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अटल जी की जीवनी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। छात्रों के अंदर राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए नैशनल हीरो की कहानियां या कार्य किताब में शामिल करने की जो नीति है इस जीवनी उसी के अंतर्गत शामिल की जाएगी। मंत्री ने कहा, आधुनिक भारत में अटल जी के सामान्तर कोई भी राजनेता नहीं है। उनके जीवन का चित्रण युवाओं के जीवन को प्रेरित करने में मदद करेगा। उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करना उनके लिए विभाग की श्रद्धाजंलि होगी। मंत्री ने बताया कि अभी सिर्फ अटल जी की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया गया है।
यह किस कक्षा में और किस चैप्टर में शामिल की जाएगी इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लिया गया है कि अटल जी के बचपन, इमरजेंसी, न्यूक्लियर टेस्ट, कारगिल वॉर और ग्लोबल इम्पैक्ट को इस पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।


