- Back to Home »
- National News »
- “मन की बात” से किया पीएम मोदी ने जनता को मोहित....
Posted by : achhiduniya
30 September 2018
रेडियो कार्यक्रम 48वें संस्करण मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' के जरिये देशवासियों को संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात की शुरुआत करते हुए कहा कि हर भारतीय को हमारे सशस्त्र बलों और सेना के जवानों पर गर्व है। प्रत्येक भारतीय चाहे वो किसी भी क्षेत्र, जाति, धर्म का क्यों न हो, हमारे सैनिकों के प्रति अपनी खुशी और समर्थन अभिव्यक्त करने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे राष्ट्र के लिए 2 अक्टूबर के दिन के महत्व को बच्चा-बच्चा जानता है। इस वर्ष 2 अक्टूबर का और एक विशेष महत्व है। अब से 2 साल के लिए हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के निमित्त विश्वभर में अनेक कार्यक्रम करने वाले हैं। पीएम ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री ने विशेष अवसरों पर खादी और हैंडलूम के उत्पाद खरीदने का आग्रह किया जिससे बुनकरों को मदद मिल सके। उन्होंने कहा,भारत के सवा-सौ करोड़ देशवासियों ने 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए पराक्रम पर्व मनाया। उन्होंने कहा कि पराक्रम पर्व पर देश में अलग-अलग स्थानों पर हमारे सशस्त्र बलों ने प्रदर्शनियां लगाईं ताकि देश के नागरिक खासकर युवा-पीढ़ी यह जान सके कि हमारी ताकत क्या है। हम कितने सक्षम हैं और कैसे हमारे सैनिक अपनी जान जोखिम में डालकर देशवासियों की रक्षा करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 15 सितंबर से देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान प्रारंभ हुआ। करोड़ों लोग इस अभियान में जुड़े और मुझे भी सौभाग्य मिला कि मैं दिल्ली के अम्बेडकर स्कूल में बच्चों के साथ स्वच्छता श्रमदान करूं। मैं उस स्कूल में गया जिनकी नींव खुद पूज्य बाबा साहब ने रखी थी। उन्होंने कहा कि देशभर में हर तबके के लोग इस श्रमदान से जुड़े मैं इसके लिए इन सभी स्वच्छता प्रेमियों को बधाई देता हूं। देश में स्त्री और पुरुष की समानता सुनिश्चित करने में वायुसेना ने मिसाल कायम करते हुए अपने प्रत्येक विभाग के द्वार उनके लिए खोल दिए हैं। अब महिलाओं के पास शॉर्ट सर्विस कमीशन के साथ स्थायी कमीशन का विकल्प भी है। भारत गर्व से कह सकता है कि भारत की सेना में सशस्त्र बलों में पुरुष शक्ति ही नहीं, स्त्री-शक्ति का भी उतना ही योगदान बनता जा रहा है। नारी सशक्त तो है, अब सशस्त्र भी बन रही है। उन्होंने कहा हम शांति में विश्वास करते हैं और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सम्मान से समझौता करके और राष्ट्र की संप्रभुता की कीमत पर कतई नहीं, भारत सदा ही शांति के प्रति वचनबद्ध और समर्पित रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि डॉ बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में गरीबों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। उन्हीं के विजन से प्रेरित होकर 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया गया था। कुछ ही दिनों बाद एनएचआरसी के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। एक समाज के रूप में हमें मानव अधिकारों के महत्व को समझने और आचरण में लाने की आवश्यकता है ये ही सबका साथ, सबका विकास का आधार है। प्रधानमंत्री ने अपनी मन की बात का समापन देशवासियों को नवरात्रि, दुर्गापूजा और दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए किया।


